WC2019 : साल 2011 से इस ‘चाचा शिकागो’ को टिकट मुहैया करा रहा है ये भारतीय दिग्गज

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नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी और कराची में जन्में मोहम्मद बशीर के बीच रिश्ता 2011 वर्ल्‍ड कप में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सेमीफाइनल से शुरू हुआ था। इसके बाद से दोनों एक दूसरे का काफी सम्‍मान करते हैं। जब भी भारत पाकिस्‍तान का मैच होता है तो धोनी ही उनकी टिकट का बंदोबस्‍त करते हैं। यह रिश्ता ऐसा है कि बशीर मैच टिकट नहीं होने के बावजूद रविवार को होने वाले भारत-पाक मुकाबले के लिए मैनचेस्टर से शिकागो (करीब 6000 किमी) पहुंच गये हैं।

Cricket Ms Dhoni Fan Mohammd Bashir Chicago Chacha India Pakistan World Cup Match :

इस 63 वर्षीय प्रशंसक का शिकागो में एक रेस्तरां हैं और उनके पास अमेरिका का पासपोर्ट है। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां कल ही आ गया था और मैंने देखा कि लोगों ने एक टिकट के लिए 800 से 900 पाउंड तक खर्च किए हैं। शिकागो लौटने के टिकट का खर्चा भी इतना ही है। धोनी का शुक्रिया क्योंकि मुझे मैच टिकट के लिए इतना जूझना नहीं पड़ता है।’

धोनी से साथी खिलाड़ी कभी-कभार संपर्क नहीं कर पाते लेकिन उन्होंने कभी भी बशीर को निराश नहीं किया है। बशीर ने कहा, ‘मैं उन्हें फोन नहीं करता क्योंकि वह इतने व्यस्त रहते हैं। मैं संदशों के जरिए ही उनसे संपर्क में रहता हूं। मेरे यहां आने से पहले ही धोनी ने मुझे टिकट के लिए आश्वस्त कर दिया था। वह बेहद अच्छे व्यक्ति हैं। उन्होंने मोहाली में 2011 मैच के बाद मेरे लिए जो किया है, मुझे नहीं लगता कि उसके बारे में कोई सोच भी सकता है।’

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी और कराची में जन्में मोहम्मद बशीर के बीच रिश्ता 2011 वर्ल्‍ड कप में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सेमीफाइनल से शुरू हुआ था। इसके बाद से दोनों एक दूसरे का काफी सम्‍मान करते हैं। जब भी भारत पाकिस्‍तान का मैच होता है तो धोनी ही उनकी टिकट का बंदोबस्‍त करते हैं। यह रिश्ता ऐसा है कि बशीर मैच टिकट नहीं होने के बावजूद रविवार को होने वाले भारत-पाक मुकाबले के लिए मैनचेस्टर से शिकागो (करीब 6000 किमी) पहुंच गये हैं। इस 63 वर्षीय प्रशंसक का शिकागो में एक रेस्तरां हैं और उनके पास अमेरिका का पासपोर्ट है। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां कल ही आ गया था और मैंने देखा कि लोगों ने एक टिकट के लिए 800 से 900 पाउंड तक खर्च किए हैं। शिकागो लौटने के टिकट का खर्चा भी इतना ही है। धोनी का शुक्रिया क्योंकि मुझे मैच टिकट के लिए इतना जूझना नहीं पड़ता है।’ धोनी से साथी खिलाड़ी कभी-कभार संपर्क नहीं कर पाते लेकिन उन्होंने कभी भी बशीर को निराश नहीं किया है। बशीर ने कहा, ‘मैं उन्हें फोन नहीं करता क्योंकि वह इतने व्यस्त रहते हैं। मैं संदशों के जरिए ही उनसे संपर्क में रहता हूं। मेरे यहां आने से पहले ही धोनी ने मुझे टिकट के लिए आश्वस्त कर दिया था। वह बेहद अच्छे व्यक्ति हैं। उन्होंने मोहाली में 2011 मैच के बाद मेरे लिए जो किया है, मुझे नहीं लगता कि उसके बारे में कोई सोच भी सकता है।’