अपराधियों के खौफ से थर्राया VVIP जिला अमेठी, खोखले साबित हुए सरकार के दावे

अमेठी। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार को लगभग छह महीने से ज्यादा बीतने को हैं। सत्ता में आने के बाद जिस तरह से योगी सरकार ने अपराधों और अपराधियों पर नकेल कसने के दावे किए थे, वे अभी तक धरातल पर नजर नहीं आए। सूबे के जनपद अमेठी में तो ‘रामराज्य’ आने के बाद भी अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा और इसी की एक बानगी यह है कि अमेठी में लोगों के लगभग 36 घण्टे अपराधों के साए में बीते। आलम तो यह है अमेठी की जनता बदलाव के बाद भी सुखद अहसास नहीं कर पा रही है।

जनपद में लगभग 36 घण्टे की स्थिति ऐसी रही कि शांति पसन्द अमेठी गोली काण्ड, हत्या और डकैती जैसी घटनाओं से थर्राया रहा और लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते रहे। आम जन मानस और पत्रकारों को सुरक्षा का भरोसा देने वाली सरकार में पत्रकार को जख्म और आम जन अपनी जान से हाथ धोता रहा और ऐसी घटनाओं को रोकने में सरकारी तंत्र नाकाम रहा। कुछ ऐसी ही हालिया घटनायें हुईं जो आम जनता के लिये खौफ का पर्याय बन गईं।

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केस 1: पत्रकार को मारी गोली

रविवार की शाम एक हिंदी दैनिक अखबार के पत्रकार दिलीप कौशल अमेठी के जगदीशपुर कस्बे में अपने मकान के सामने बैठे हुए थे। इसी बीच बाइक से पहुंचे तीन अज्ञात हमलावरों ने दिलीप कौशल को गोली मार दी और वहां से फरार हो गए गोली दिलीप के कंधे के नीचे बाजुओं में लगी। घायल पत्रकार को इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने घायल दिलीप को सीएचसी से लखनऊ के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। पत्रकार पर हुए सरेआम इस हमले से जहां क्षेत्र में हड़कम्प मच गया वही शांति पसंद कलम के सिपाहियों में भी काफी रोष देखने को मिला।

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केस 2: डकैती

अमेठी के गौरीगंज थानांतर्गत अत्तानगर गांव में सोमवार-मंगलवार की रात बेखौफ बदमाशों ने एक परिवार को बंधक बनाकर नगदी व लाखों के जेवर लूटने लगे और विरोध करने दो लोगों को कुल्हाड़ी से काट डाला जिसमे एक की मौत हो गयी और दूसरा गम्भीर रूप से घायल हो गया। डकैत लूट-पाट के बाद फरार हो गए। इसकी सूचना पीडित परिजनों ने पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया पुलिस को अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं मिल सका है।

केस 3: हत्या

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मंगलवार की सुबह ही अमेठी के जामो थानांतर्गत पर्वतपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह अपने खेत में चारा काट रहा था। तभी अज्ञात बदमाशों ने धर्मेद्र सिंह को के गोली मार दी, आवाज सुनकर बेटे के बचाव में दौड़े बलवंत को भी हमलवारों ने गोली मार दी। इलाज के दौरान धर्मेंद्र की मौत हो गयी और बलवंत सिंह को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात के बाद पहुंची पुलिस घटना की जांच में जुटी है।

खाकी पर सवाल

हालांकि बढ़ते अपराधों पर नकेल कसने के लिए जनपद पुलिस ने अवैध असलहा तस्कर,ड्रग तस्करी करने वाले बदमाशों और कुछ अपराध में संलिप्त अपराधियो को जेल तो भेजा, लेकिन पुलिस लगातार हो रहे अपराधो पर काबू पाने में कामयाब नहीं हो सकी।

गिरफ्तारी ही काफी नहीं

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जनपद पुलिस बेशक कुछ अपराधियो को जेल भेज अपनी वर्दी दुरुस्त करते हुए दिखी लेकिन सही तो यह है कि इस लगभग 36 घण्टे में अपराध पर काबू पाने में कामयाब नहीं हो सकी।

रिपोर्ट-राम मिश्रा