कहीं तंत्र-मंत्र की आड़ में तो नही हुई दंपति हत्या

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिस्रौली गांव में बीती रात हुई दंपति की मौत के मामले में रहस्य और गहरा गया है, घटना स्थल पर मिले “सोसाइट लेटर” से इस बात को बल मिल रहा है कि किसी ने गहरी साजिश रच कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया है। फ़िलहाल पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू कर दिया है।




मालूम हो की गांव निवासी धीरज प्रजापति बीते शानिवार को छोटे भाई के साथ पत्नी समेत बीजेथुआ महाबीरन दर्शन करने गया था। मत्था टेकने के बाद पति-पत्नी घर लौट आये लेकिन भाई वहीं किसी रिश्तेदार के यहां रुक गया। बीती रात 2 बजे गांव में चिल्लाने की आवाज लगी की धीरज पत्नी समेत आत्महत्या कर लिया है। वारदात स्थल पर पहुंचे लोगों ने देखा घर के कमरे में एक ओर पत्नी की लाश पड़ी थी जिसका गला रेतकर हत्या की गयी थी, वहीं पति धीरज की मौत जलने से हुई थी उसके शव से मिट्टी के तेल की दुर्गन्ध न्ध आ रही थी। दोनों के शव और वारदात स्थल देख कर कयास लगाया जा रहा था कि घटना रात 11बजे के आस-पास की है।

वही मृतक धीरज का पिता बरसाती थोड़ी दूर स्थित ट्यूबवेल पर सोने गया था, उसका बाबा बहरेपन का शिकार था वही घर पर मौजूदं माँ अर्ध विछिप्त बताई जाती है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तफ्तीश शुरु कर किया तो शव के पास पत्र मिला जिसमे तंत्र-मंत्र का जिक्र था।पत्र में कहा गया था कि वह काली माता और भगवान शंकर को बलि दे रहे हैं। फ़िलहाल वारदात का कोई चश्मदीद अभी तक सामने नही आया है।




दबी जुबान में ग्रामीणों ने बताया कि अमूमन बलि शीश/जुबान काटकर या फिर दफन करके दिया जाता है लेकिन फंदे पे झूलकर या आग लगा कर नही दी जाती। जबकि धीरज की मौत आग लगने से हुई, वही पड़ोसियों को भी इस वारदात की कानों कान खबर नही हो पाई। धीरज के करीबी मित्रों ने भी बताया कि वो तंत्र-मंत्र में विश्वाश नही करता था। सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के शव को कब्जे में ले लिया है, वह इसे आत्महत्या मान कर चल रहे है। उन्होंने कहा कि धीरज ने हथियार से पत्नी का गला काटा फिर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या कर लिया।

सुलतानपुर से बृजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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