नई दिल्ली। सऊदी अरब के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान का नाम दुनिया के शाही रईसों में आता है।  सीबीएस को दिए अपने इंटरव्यू में प्रिंस ने कहा है कि वो शाही जीवन शैली और खुद पर बेशुमार धन खर्च करने की प्रवृत्ति के लिए माफी नहीं मांगेंगे।अमेरिका जाने से पहले बताया कि उनका व्यक्तिगत खर्च निजी मामला है।

उन्होंने यह भी कहा कि मैं गांधी या मंडेला नहीं हूं। मैं गरीब शख्स भी नहीं हूं। बता दें कि सऊदी के प्रिंस फ्रेंच शैटो के मालिक हैं और इसे दुनिया का सबसे महंगा घर है। 20 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में एमबीएस की मेजबानी करने वाले हैं।

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सऊदी किंग सलमान के 32 वर्षीय बेटे एमबीएस ने जून 2017 के बाद सत्ता पर तेज़ी से नियंत्रण हासिल किया है। उन्होंने अपने चचेरे भाई को बेदखल कर खुद को क्राउन प्रिंस बना लिया था। एमबीएस ने सत्ता की कमान संभालने के बाद से मुल्क में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है।

इस अभियान के तहत उन्होंने सऊदी के बड़े कारोबारियों, शाही परिवारों और सरकारी अधिकारियों के ठिकानों से 100 अरब डॉलर की संपत्ति को अपने कब्जे में किया है। एमबीएस ने इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी आदेश दिया है। उन्होंने अपने देश में होनेवाले सामाजिक बदलावों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि एक इंसान के तौर पर मैं मानता हूं कि पुरुष और महिलाओं में कोई फर्क नहीं है।

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उन्हें बराबर सम्मान और बराबर अधिकार मिलना चाहिए। सलमान ने गद्दी संभालते ही महिलाओं के परिधानों पर लगे प्रतिबंधों पर छूट दी और सामाजिक जीवन में भागीदारी को बढ़ावा दिया।