हाथ में पिचकारी लेकर निहारता रहा मासूम, शहीद के घर पहुंची भारी भीड़

कन्नौज। छत्तीसगढ़ नक्सली हमले में सीआरपीएफ जवान के शहीद होने की सूचना जैसे ही उसके गाँव तक पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल हो गया। शहीद जवान रामपाल सिंह यादव यूपी के कन्नौज के रहने वाले थे। इस सूचना के बाद परिजनों को सांत्वना देने के लिये भारी तादात में भीड़ इकट्ठा हुई। गांव के हर शख्स की आंख नम हो गई।




शहीद रामपाल के पिता विश्राम सिंह यादव रिटायर्ड शिक्षक हैं। पिता और परिवार केंद्र सरकार की नक्सलियों के खात्मे के लिए बनी नीतियों से खाश नाराज हैं और मीडिया से अपना दर्द बयां कर रहे हैं। कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम परौर के रहने वाले रामपाल सिंह यादव(30) छत्तीसगढ़ में तैनात थे। शनिवार को जब वह अपनी बटालियन के साथ ड्यूटी कर रहे थे तभी जिला सुकमा में अचानक नक्सलियों के शिकार हो गए। इसमें वह शहीद हो गए।


शहीद के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों में चीख पुकार मची रही। लोग सभी को ढांढस बंधाते नजर आए। शहीद के दो पुत्र सत्यम उम्र 5 वर्ष व 3 वर्षीय शिवम हैं। शादी वर्ष 2007 में रिंकी के साथ हुई थी। रामपाल सिंह यादव वर्ष 2004 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उनके पिता विश्राम सिंह ग्राम पंचायत के प्रधान भी रह चुके हैं।



मासूम बेटा बेखबर–

हाथ में पिचकारी लिए 2 साल के बेटे सूर्यांश को शायद पता ही नहीं कि उसके सिर पर अब बाप का साया नही रहा इसी तरह बड़ा बेटा सत्यम भी सहमा व अनभिज्ञ है।