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3000 साल पुरानी मिस्र की ममी का इटली में सीटी स्कैन, खुलेगा राज ?

इटली का एक अस्पताल में करीब 3000 साल पुरानी मिस्र की एक ममी का रहस्य उजागर करने की कोशिश हो रही है। इसके लिए उस ममी का सीटी स्कैन भी किया गया है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

मिलान: इटली का एक अस्पताल में करीब 3000 साल पुरानी मिस्र की एक ममी का रहस्य उजागर करने की कोशिश हो रही है। इसके लिए उस ममी का सीटी स्कैन भी किया गया है। इस रिसर्च प्रोजेक्ट में इटली के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। इटली के अस्पताल में जिस ममी पर रिसर्च चल रहा है, वह प्राचीन काल के मिस्र के एक पुजारी की है।इसका नाम है अंखेखोंसू  इसे द ममी ऑफ अंखेखोंसू  कहा जाता है

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अंखेखोंसू की ममी करीब 3000 साल पुरानी है। जांच करने के बाद इसके जीवन और अंतिम संस्कार से संबंधित जानकारियों को समझने का मौका मिलेगा। ममी प्रोजेक्ट रिसर्च की डायरेक्टर सबीना मालगोरा कहती हैं कि कोई भी ममी एक बायोलॉजिकल म्यूजियम होती है। ये किसी टाइम कैप्सूल से कम नहीं होतीं।इनकी जांच करने पर हमें प्राचीन बीमारियों, जीने के तरीके, मौत की वजह आदि जानकारियां हासिल हो सकती हैं।

सबीना मालगोरा ने बताया कि इस ममी का नाम सैक्रोफैगस से आया है। यह करीब 900 से 800 ईसा पूर्व की बात है। जब अंखेखोंसू जीवित था। उसके मरने के बाद हमें पता चला कि करीब पांच स्थानों पर यह लिखा है कि ‘द गॉड खोंसू इज अलाइव’ यानी प्रभु खोंसू जिंदा है। यह एक हैरानी की बात थी। हमारी जिज्ञासा और जाग गई कि ऐसा क्यों लिखा गया. क्या ये सिर्फ मान्यता है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह भी है।

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