मोहर्रम के जुलूसों पर हिंसा भड़कने के डर से कई हिस्सों में लगा कर्फ्यू

kashmir in moharram
मोहर्रम के जुलूसों पर हिंसा भड़कने के डर से कई हिस्सों में लगा कर्फ्यू

श्रीनगर। ‘लब्बैक या हुसैन’ की सदाओं के साथ जहां कल 10 मोहर्रम को पूरी दुनिया में इमाम हुसैन की शहादत का जुलूस निकाल कर ग़म मनाया गया। वहीं, कश्मीर में मुहर्रम का जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया गया। जिसकी वजह शहर और घाटी की बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हिंसा भड़कने के चलते कश्मीर के कई हिस्सों में कर्फ्यू भी लगाए गए।

Curfew Was Imposed In Many Parts Due To Fear Of Violence On Moharram Processions :

कश्मीर में लगे प्रतिबंध के चलते अधिकारियों प्रतिबंध लगाए जाने के लिए किसी कारण का हवाला नहीं दिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मुहर्रम के जुलूस को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिसके चलते वाणिज्यिक केंद्र लाल चौक और आसपास के इलाकों के सभी प्रवेश द्वारों को कंटीले तारों से बंद कर दिया गया है और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

बताते चलें कि कश्मीर में पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से कश्मीर में प्रतिबंध लगे हुए हैं। स्थिति बेहतर होने के बाद कई जगह से चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए भी जा रहे हैं। इस बीच अधिकारियों ने यह भी बताया कि घाटी में लगातार 37वें दिन बंद के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। बाजार तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। साथ ही सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे।

श्रीनगर। 'लब्बैक या हुसैन' की सदाओं के साथ जहां कल 10 मोहर्रम को पूरी दुनिया में इमाम हुसैन की शहादत का जुलूस निकाल कर ग़म मनाया गया। वहीं, कश्मीर में मुहर्रम का जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया गया। जिसकी वजह शहर और घाटी की बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हिंसा भड़कने के चलते कश्मीर के कई हिस्सों में कर्फ्यू भी लगाए गए। कश्मीर में लगे प्रतिबंध के चलते अधिकारियों प्रतिबंध लगाए जाने के लिए किसी कारण का हवाला नहीं दिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मुहर्रम के जुलूस को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिसके चलते वाणिज्यिक केंद्र लाल चौक और आसपास के इलाकों के सभी प्रवेश द्वारों को कंटीले तारों से बंद कर दिया गया है और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। बताते चलें कि कश्मीर में पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से कश्मीर में प्रतिबंध लगे हुए हैं। स्थिति बेहतर होने के बाद कई जगह से चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए भी जा रहे हैं। इस बीच अधिकारियों ने यह भी बताया कि घाटी में लगातार 37वें दिन बंद के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। बाजार तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। साथ ही सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे।