CWG 2018 : सतीश ने दिलाया भारत को तीसरा गोल्ड, राष्ट्रपति कोविंद ने दी बधाई

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CWG 2018 : सतीश ने दिलाया भारत को तीसरा गोल्ड, राष्ट्रपति कोविंद ने दी बधाई

Cwg2018 India Put On Hattrick Weightlifter Satish Shivlingam Won Gold

गोल्ड कोस्ट। गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन जारी है। । भारोत्तोलन में सतीश शिवालिंगम ने 77 किलो वर्ग में कुल 317 किलो वजन उठाकर सोना जीता। भारत के लिए इन खेलों का यह तीसरा स्वर्ण पदक है तथा तीनों पदक की वेट लिफ्टिंग में ही आए हैं। इंग्लैंड के जैक ऑलिवर ने सतीश के सामने कड़ी चुनौती जरुर पेश की लेकिन ग्लासगो में भी स्वर्ण जीतने वाले तमिलनाडु के इस खिलाड़ी ने अपना दबदबा बरकरार रखा। यह इन खेलों में तीसरा गोल्ड और कुल मिलाकर पांचवां पदक है। भारत को ये सभी पदक वेटलिफ्टिंग में ही मिले हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सतीश कुमार सिवालिंगम को ट्विटर पर बधाई दी है। रामनाथ कोविंद ने ट्विट कर कहा कि वेटिलफ्टरों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लगातार तीसरे दिन भी देश को गर्विक किया है। राष्ट्रपति कोविंदने आगे कहा कि सतीश कुमार सिवलिंगम देश के लिए 77 किलोग्राम वर्ग स्वर्ण पदक जीतने की हार्दिक बधाई।

जैक ने सतीश से 5 किग्रा कम वजन उठाया

जैक ओलिवर ने कुल 312 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच की पहली कोशिश में 141, दूसरी में 145 किग्रा वजन उठाया। तीसरी कोशिश में 148 किग्रा ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गए। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहली कोशिश में 167 किग्रा वजन उठाया। दूसरी और तीसरी कोशिश में 171 किग्रा ऑप्ट किया, लेकिन दोनों बार फाउल कर गए।

इसी तरह फ्रांकोइस ने कुल 307 किग्रा वजन उठाया। फ्रांकोइस ने स्नैच की पहली कोशिश में 128, दूसरी में 133 और तीसरी में 136 किग्रा वजन उठाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहली कोशिश में 162 किग्रा वजन उठाया। दूसरी कोशिश में 168 किग्रा ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गए। तीसरी कोशिश में 169 किग्रा का वजन उठाया।

स्नैच में एक किलो से आगे रहने वाले ओलिवर हालांकि क्लीन ऐंड जर्क में अपना प्रदर्शन दोहरा नहीं पाए। उन्होंने पहले प्रयास में 167 किलोग्राम वजन उठाया हालांकि इसके बाद के दोनों प्रयास 171 किलोग्राम वजन के उनके प्रयास असफल रहे। वह कुल मिलाकर 312 किलोग्राम वजन ही उठा पाए। उन्हें सिल्वर मेडल मिला।

जांघ में चोट के कारण सतीश की पदक उम्मीदों को लगा था झटका

जांघ में चोट के कारण सतीश की पदक उम्मीदों को झटका लगा था लेकिन उन्होंने मुकाबले के फाइनल में आसानी से जगह बनाई। 25 वर्षीय खिलाड़ी ने जीत के बाद खुशी जताते हुए कहा मुझे राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में चोट लगी थी और आस्ट्रेलिया में मुझे पदक की कोई उम्मीद नहीं थी। मैं अभी भी पूरी तरह फिट नहीं हूं लेकिन फिर भी स्वर्ण जीता इसलिए खुश हूं।

फाइनल में सतीश को इंग्लैंड के जैक ओलिवर से काफी चुनौती भी मिली। भारतीय खिलाड़ी ने स्नैच में पहले प्रयास में 136 किग्रा, दूसरे प्रयास में 140 और तीसरे प्रयास में 144 किग्रा भार उठाया लेकिन ओलिवर ने स्नैच में दूसरे प्रयास में सतीश से एक किग्रा अधिक 145 किग्रा भार उठा लिया।

कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में चार बार जीत चुके हैं गोल्ड

  1. सतीश कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में चार बार 2012, 2013, 2015 और 2017 में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

2. 2012 में समोआ के आपिया में उन्होंने 297 (स्नैच में 131 और क्लीन एंड जर्क में 166) किग्रा का वजन उठाया था।

3. 2013 में मलेशिया के पेनांग में उन्होंने 317 (स्नैच में 142 और क्लीन एंड जर्क में 175) किग्रा का वजन उठाया था।

4. 2015 में पुणे में उन्होंने 325 (स्नैच में 150 और क्लीन एंड जर्क में 175) किग्रा का वजन उठाया था।

5. 2017 में गोल्ड कोस्ट में उन्होंने 320 (स्नैच में 148 और क्लीन एंड जर्क में 172) किग्रा का वजन उठाया था।

6. 2014 अलमाटी (कजाखिस्तान) वर्ल्ड चैम्पियनशिप में वह 22 स्थान पर रहे थे। वहां उन्होंने 317 (स्नैच में 140 और क्लीन एंड जर्क में 177) किग्रा का वजन उठाया था।

7. 2015 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में उन्होंने स्नैच में 142 किग्रा का वजन उठाया था, लेकिन क्लीन एंड जर्क की तीनों कोशिश में फाउल कर गए थे।

8. 2017 में अॅनाहाइम (अमेरिका) वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 14वें नंबर पर रहे थे। वहां उन्होंने 328 (स्नैच में 148 और क्लीन एंड जर्क में 180) किग्रा का वजन उठाया था।

गोल्ड कोस्ट। गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन जारी है। । भारोत्तोलन में सतीश शिवालिंगम ने 77 किलो वर्ग में कुल 317 किलो वजन उठाकर सोना जीता। भारत के लिए इन खेलों का यह तीसरा स्वर्ण पदक है तथा तीनों पदक की वेट लिफ्टिंग में ही आए हैं। इंग्लैंड के जैक ऑलिवर ने सतीश के सामने कड़ी चुनौती जरुर पेश की लेकिन ग्लासगो में भी स्वर्ण जीतने वाले तमिलनाडु के…