चक्रवात ‘वायु’ ने बदला रास्ता, गुजरात में अलर्ट जारी, भारी बारिश की चेतावनी

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चक्रवात 'वायु' ने बदला रास्ता, गुजरात में अलर्ट जारी, भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली। चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है। बावजूद इसके गुराज में अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने कहा कि ‘वायु’ के रास्ता बदल लेने और इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना कम हो गयी है। हालांकि तटीय क्षेत्रों के लिए तूफान की गंभीरता एक खतरा बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश का खतरा जस का तस बना हुआ है।

Cyclone Vayu Changed The Path Alerted In Gujarat Warning Of Heavy Rains :

तूफान का मध्य भाग गुजरात तट से थोड़ा दूर हो गया है, लेकिन इसका व्यास 900 किलोमीटर से अधिक का है। हालांकि तूफान के मद्देनजर तैयारियां पूरी हैं। करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। भारतीय मौसग विभाग (IMD) की वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती के मुताबिक वायु तूफान के अब गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है। मोहंती के मुताबिक यह तूफान अब पोरबंदर, द्वारका के आसपास से होकर निकल जाएगा।

हालांकि गुजरात के तटीय इलाकों में इसका असर दिखेगा और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। वहीं चक्रवात वायु को देखते हुए तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। एनडीआरएफ ने अपनी 52 टीमों को रेस्क्यू और रिलीफ ऑपरेशंस के लिए पहले ही तैनात कर दिया है। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों ने तूफान के मद्देनजर कई सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को कैंसल कर दिया है।

पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाकों से गुजरने वाली 98 ट्रे्नों को रद्द कर दिया है। इनमें 70 ट्रेनें पूरी तरह कैंसल कर दी गई हैं, जबकि 28 को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। इन ट्रेनों को 15 जून तक के लिए बंद किया गया है, तब तक तूफान की तीव्रता अधिक रहने की आशंका है। इसके साथ ही बुधवार की रात से गुरुवार की रात तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पोरबंदर, दीव, भावनगर, केशोड और कांडला में फ्लाइट्स का ऑपरेशन बंद रखा गया है।

नई दिल्ली। चक्रवात 'वायु' ने अपना रास्ता बदल लिया है। बावजूद इसके गुराज में अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने कहा कि ‘वायु’ के रास्ता बदल लेने और इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना कम हो गयी है। हालांकि तटीय क्षेत्रों के लिए तूफान की गंभीरता एक खतरा बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश का खतरा जस का तस बना हुआ है। तूफान का मध्य भाग गुजरात तट से थोड़ा दूर हो गया है, लेकिन इसका व्यास 900 किलोमीटर से अधिक का है। हालांकि तूफान के मद्देनजर तैयारियां पूरी हैं। करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। भारतीय मौसग विभाग (IMD) की वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती के मुताबिक वायु तूफान के अब गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है। मोहंती के मुताबिक यह तूफान अब पोरबंदर, द्वारका के आसपास से होकर निकल जाएगा। हालांकि गुजरात के तटीय इलाकों में इसका असर दिखेगा और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। वहीं चक्रवात वायु को देखते हुए तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। एनडीआरएफ ने अपनी 52 टीमों को रेस्क्यू और रिलीफ ऑपरेशंस के लिए पहले ही तैनात कर दिया है। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों ने तूफान के मद्देनजर कई सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को कैंसल कर दिया है। पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाकों से गुजरने वाली 98 ट्रे्नों को रद्द कर दिया है। इनमें 70 ट्रेनें पूरी तरह कैंसल कर दी गई हैं, जबकि 28 को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। इन ट्रेनों को 15 जून तक के लिए बंद किया गया है, तब तक तूफान की तीव्रता अधिक रहने की आशंका है। इसके साथ ही बुधवार की रात से गुरुवार की रात तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पोरबंदर, दीव, भावनगर, केशोड और कांडला में फ्लाइट्स का ऑपरेशन बंद रखा गया है।