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Cyclonic Storm Maha: चक्रवाती तूफान ‘महा’ के संकट के घेरे में गुजरात और महाराष्ट्र

Cyclonic Storm Maha Gujarat And Maharashtra Is In Danger

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली। अरब सागर में आए चक्रवात तूफान ‘महा’ अब गुजरात और महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। वहीं, तूफान के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की है। केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि गुजरात और महाराष्ट्र में तीन दिन तक चक्रवात का खतरा बना रहेगा। 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी वर्षा होने का भी अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भारतीय मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र, दमन-दीव और दादरा-नागर हवेली के लिए अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘महा’ के लिए नवंबर 6 और 7 के लिए ताज़ा मौसम अपडेट जारी किया है। मछुआरों को 6 नवंबर तक मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए कहा है।

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दरअसल, चक्रवात के खतरों से निपटने के लिए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में सोमवार को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक हुई। इसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात का असर गुजरात, महाराष्ट्र और दमन दीव पर होने का अनुमान है। चक्रवात वाले इलाकों में नौसेना के जहाज तैनात किए गए हैं। सात नवंबर को चक्रवात गुजरात और महाराष्ट्र तट को पार करेगा। बैठक में मौजूद गुजरात और महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिवों ने बताया कि उन्होंने आवश्यक तैयारी कर ली हैं।

वहीं, एनडीआरएफ(NDRF) और एसडीआरएफ(SDRF) की टीमों के साथ तटरक्षक बल और नौसेना के जहाजों को तैनात कर दिया गया है। सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया है। दमन और दीव प्रशासन ने भी इसी तरह की तैयारियां की हैं। इस बैठक में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ आईएमडी, एनडीएमए और एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बता दें, कैबिनेट सचिव ने चक्रवात से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के पास मौजूदा संसाधनों का जायजा लिया। स्थिति खराब होने की हालत में बचाव और राहत कार्य कैसे होंगे, इस पर चर्चा की गई। कैबिनेट सचिव ने आपदा की स्थिति के दौरान प्रभावित राज्यों में तत्काल सहायता प्रदान करने पर बल दिया।

साथ ही मौसम विभाग ने जानकारी दी कि महा चक्रवात अरब सागर में पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके पांच नवंबर की सुबह तक तेज होने की संभावना है। अगले दिन यानी छह नवंबर की मध्यरात्रि और सात नवंबर की सुबह तक यह चक्रवात गुजरात और महाराष्ट्र तट को पार कर जाएगा। 1.5 मीटर तक पहुंचने वाली ज्वार की लहरों के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है।

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अनुमान ये भी लगाया जा रहा है कि गुजरात पहुंचने से पहले चक्रवात ‘महा’ की ताकत कम होने की संभावना है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि सात नवंबर से पहले देवभूमि-द्वारका जिले और केंद्र शासित प्रदेश दीव के क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने संभावना जतायी है कि सात नवंबर से पहले ही महा का प्रभाव कम हो सकता है।

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