सेना की ताकत और बढ़ी, 3000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

सेना की ताकत और बढ़ी, 3000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी
सेना की ताकत और बढ़ी, 3000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

नई दिल्ली। भारत ने रूस के साथ 3000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद का सौदा किया है। इससे भारत की शक्ति काफी बढ़ जाएगी। रक्षा अधिग्रहण समिति ने भारतीय सेना के मुख्य युद्ध टैंक अर्जुन के लिए बख्तररबंद रिकवरी वाहनों और दो भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए ब्रह्मोस मिसाइलों सहित लगभग 3000 करोड़ रुपए की खरीद को मंजूरी दे दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

Dac Approves Procurement Worth Rs 3000 Crores :

बता दें कि अक्टूबर में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी (सीसीए) ने पी1135.6 (शिप फॉलोऑन) की खरीद का फैसला लिया था। डीएसी ने दो नेवी शिप के लिए ब्राह्मोस मिसाइल की खरीद को मंजूरी दी है। ये नेवी शिप रूस में बनेंगे। स्वेदश में डिजाइन होने वाले ब्राह्मोस टेस्ट की जा चुकी डीएसी ने थल सेना के बैटल टैंक अर्जुन के लिए एआरवी की खरीद को भी मंजूरी दे दी है।

इन्हें डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) ने डिजाइन किया है और ये सरकार उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड द्वारा मैन्युफैक्चर किए जाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिका ने कैटसा कानून के तहत उन सभी देशों और उनके संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है जो रूस से सैन्य सामान खरीदेंगे।

हाल ही में भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद के लिए करार किया। अमेरिका की आपत्ति के बावजूद ये करार किया गया। अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि बाद में अमेरिका ने कहा कि रूस पर प्रतिबंध उसके घातक व्यवहार के लिए लगाया गया था। उसने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी छूट सौदा दर सौदा आधार पर होगी।

नई दिल्ली। भारत ने रूस के साथ 3000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद का सौदा किया है। इससे भारत की शक्ति काफी बढ़ जाएगी। रक्षा अधिग्रहण समिति ने भारतीय सेना के मुख्य युद्ध टैंक अर्जुन के लिए बख्तररबंद रिकवरी वाहनों और दो भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए ब्रह्मोस मिसाइलों सहित लगभग 3000 करोड़ रुपए की खरीद को मंजूरी दे दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।बता दें कि अक्टूबर में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी (सीसीए) ने पी1135.6 (शिप फॉलोऑन) की खरीद का फैसला लिया था। डीएसी ने दो नेवी शिप के लिए ब्राह्मोस मिसाइल की खरीद को मंजूरी दी है। ये नेवी शिप रूस में बनेंगे। स्वेदश में डिजाइन होने वाले ब्राह्मोस टेस्ट की जा चुकी डीएसी ने थल सेना के बैटल टैंक अर्जुन के लिए एआरवी की खरीद को भी मंजूरी दे दी है।इन्हें डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) ने डिजाइन किया है और ये सरकार उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड द्वारा मैन्युफैक्चर किए जाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिका ने कैटसा कानून के तहत उन सभी देशों और उनके संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है जो रूस से सैन्य सामान खरीदेंगे।हाल ही में भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद के लिए करार किया। अमेरिका की आपत्ति के बावजूद ये करार किया गया। अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि बाद में अमेरिका ने कहा कि रूस पर प्रतिबंध उसके घातक व्यवहार के लिए लगाया गया था। उसने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी छूट सौदा दर सौदा आधार पर होगी।