लखनऊ में डकैतों का आतंक, पारा के बाद काकोरी में लूट-पाट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार हमेशा बिगड़ी कानून व्यवस्था और सुस्त पुलिसिंग के चलते सुर्खियों में रहती है, लिहाज़ा सूबे की अखिलेश सरकार ने दोनों हाथों से पुलिस महकमे को दुरुस्त करने के लिए तमाम तरह के मॉडल तैयार कर सरकारी ख़ज़ाने का पिटारा भी खोला लेकिन सारे दावे खोखले साबित हुए। यूपी सरकार ने अत्याधुनिक तकनीक से लैस एमसीआर(मॉडर्न कंट्रोल रूम) भी पुलिस महकमे की झोली में डाली परन्तु अब आलम यह हैं की वो हाईटेक गाड़िया हाईटेक जोन में ही खड़ी दिखती हैं। शायद यह उसी का नतीजा है कि शातिर बदमाशो ने अब शहर छोड़ हाईवे से सटे सूनसान घरो को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पारा में डकैती और नाबालिग के साथ गैंगरेप की वारदात को अभी 24 घंटा भी नहीं बीता था कि बदमाशों ने काकोरी में एक घर को निशाना बनाते हुए जमकर लूट-पाट की।




हाईटेक पुलिस अभी पारा डकैती और गैंग रेप का सुराग भी नही तलाश पाई थी कि बीती रात काकोरी थानाक्षेत्र में डकैतों ने एक और घर को अपना निशाना बनाया। 24 घंटे में हुई दूसरी डकैती की वारदात ने लखनऊ पुलिस कितनी मुस्तैद है इसकी पोल खोल कर रख दी। ज़ाहिर हैं इससे एक बात तो साफ़ हैं की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालो का ही इक़बाल बुलंद हैं और पुलिस बैकफुट पर। बीती रात हाइवे से महज़ 50 कदम की दूरी पर राजाराम के मकान को 1 दर्जन डकैतो ने निशाना बनाते हुए जमकर मारपीट की और लूट वारदात को अंजाम देने के बाद हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए।

लखनऊ में बेखौफ लुटेरे, पांच घरों में डकैती के बाद नाबालिग से गैंगरेप

राजाराम के बेटे दयाराम और सियाराम को डकैतों ने घायल कर दिया, वहीं दयाराम की पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि डकैतों ने उनके कान की बाली और पायल लूट ली। 4 माह पूर्व दयाराम की शादी हुई थी और वो पेशे से टैक्सी चालक हैं। उन्होने बताया कि लगभग 2 लाख 50 हज़ार रुपये बदमाश लूट ले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रही है।

DGP के आदेश के बाद भी सुस्त पुलिसिंग—




डीजीपी जवीद अहमद के बाद भी पुलिस का चेकिंग अभियान महज कागजों पर ही सीमित रह गया है। पारा में पड़ी डकैती और मासूम से गैंगरेप की वारदात ने पुलिस महकमे के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी। एसएसपी मंज़िल सैनी के अनुसार दोनों वारदातो के पीछे किसी गिरोह का हाथ है जो कि मध्यम वर्गीय परिवारो को निशाना बना रहे हैं। इन डकैतियों के खुलासे के लिए एसएसपी ने अपनी सभी टीमें लगा दी हैं, साथ ही पेट्रोलिंग को लेकर सभी थानाध्यक्षो से जवाब भी मांगा गया है। अब देखना यह है कि लखनऊ पुलिस कितनी जल्दी इन बदमाशों का सुराग लगा पाती है और वारदातों पर लगाम लगा सकेगी।



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