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‘दादा’ का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना लगभग तय, नामांकन के लिए मुंबई पहुंचे

By बलराम सिंह 
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नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने में महज औपचारिकता शेष रह गई है। बीसीसीआई की कमान संभालने से पहले सोमवार को मुंबई में गांगुली ने कहा कि यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है। मैं ऐसे समय में बोर्ड की कमान संभाल रहा हूं जब उसकी छवि काफी धूमिल हुई है। गांगुली 14 अक्टूबर यानी कि आज बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे।

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बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पद पर मुहर लगने के लिए गांगुली ने सोमवार दोपहर तीन बजे तक इंतजार करने को कहा है। वहीं बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का सचिव नियुक्त किए जाने की तैयारी हो गई है। बताया जा रहा है कि बीसीसीआई की राज्य इकाइयों की अनौपचारिक बैठक में जय शाह को सचिव बनाए जाने पर आम सहमति बन गई है। इसके अलावा केंद्रीय राज्य वित्तमंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया जाना तय माना जा रहा है।

‘दादा’ ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का इरादा भारतीय क्रिकेट के उन सभी कामों को करना है जो पिछले 33 माह में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी। 47 वर्षीय सौरव गांगुली ने कहा कि निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि उन्होंने देश के लिए खेला है और कप्तान रहे हैं। अध्यक्ष पद की होड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ते के बाद अब दादा इस पद के अकेले उम्मीदवार रह गए हैं। हालांकि कूलिंग ऑफ अवधि के कारण उन्हें जुलाई में यह पद छोड़ना होगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। कोलकाता के महाराज नाम से लोकप्रिय दिग्गज खिलाड़ी ने कहा,‘यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी।

यह पूछने पर कि कार्यकाल सिर्फ नौ महीने का होने का क्या उन्हें अफसोस है, उन्होंने कहा ,‘हां, यही नियम है और हमें इसका पालन करना है। जब मैं आया तो मुझे पता नहीं था कि मैं अध्यक्ष बनूंगा। पत्रकारों ने मुझसे पूछा तो मैंने बृजेश का नाम लिया। मुझे बाद में पता चला कि हालात बदल गए हैं। मैने कभी बीसीसीआई चुनाव नहीं लड़ा तो मुझे नहीं पता कि बोर्ड रूम राजनीति क्या होती है।’

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10 महीने ही BCCI अध्यक्ष रहेंगे ‘दादा’

आपको बता दें कि सौरव गांगुली हाल ही में लगातार दूसरी बार ​निर्विरोध बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। अगर सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष बनते हैं तो उनका कार्यकाल सिर्फ 10 महीने का होगा। क्योंकि बीसीसीआई के नए नियम के मुताबिक उन्हें अगले साल सितंबर में 3 साल के कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होगा। इसके तहत गांगुली अगने तीन साल तक बीसीसीआई के किसी भी पद पर नियुक्त नहीं हो सकेंगे। यदि वह बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बनते हैं तो वह सितंबर 2020 तक इस पद को संभालेंगे।

गांगुली होंगे BCCI के 35वें अध्यक्ष

अगर सब कुछ ठीक रहा तो भारतीय क्रिकेट टीम के सफलतम कप्तानों में एक सौरव गांगुली बीसीसीआई के 35वें अध्यक्ष होंगे। देश में क्रिकेट की प्रशासक बीसीसीआई का गठन 1928 में हुआ था। इस बोर्ड का मुख्यालय मुंबई में है। यह संस्था देश में राज्य क्रिकेट संघों का प्रतिनिधित्व करती है और इसे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से भी मान्यता हासिल है। यह अजीब सी बात है कि भारत में एक स्वायत्त संस्था (या सोसाइटी, जैसा कि भारतीय कानून में बीसीसीआई है) को महज इसलिए एक खेल का आधिकारिक प्रशासक मान लिया गया है क्योंकि एक अंतरराष्ट्रीय संस्था इसकी टीम को ही भारतीय टीम की मान्यता देती है।

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