जन्माष्टमी 2018: दही हांडी उत्सव पर इन बातों का रखें खयाल

जन्माष्टमी 2018, दही हांडी उत्सव
जन्माष्टमी 2018: दही हांडी उत्सव पर इन बातों का रखें खयाल

Dahi Handi Janmashtami Celebration

लखनऊ। जन्माष्टमी के खास मौके पर पूरे देश में दही हांडी उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। खासतौर पर महाराष्ट्र में जन्माष्टमी में अलग ही नजारा दिखाई देता है, एक के बाद एक लोग कई लेयर में ऊंचे-ऊंचे पिरामिड बनाकर दही हांडी की मटकी को फोड़ते हैं। दही हांडी उत्सव में सबसे ऊपर खड़े होने वाले लड़के को गोविंदा कहा जाता है और समूह के बाकि लड़कों को मंडल कहा जाता है।

कई बार दही-हांडी उत्सव के दौरान कई लोग घायल भी हो जाते है मतलब यह त्योहार जितना मजेदार होता है उतना ही खतरनाक भी है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिसे दही हांडी समारोह में भाग लेते वक्त जरूर ध्यान में रखने चाहिए।

  • इस समारोह में केवल वही लोग भाग लें जो आसानी से छलांग लगाने या उचाईं पर चढ़ने से डरते न हो। साथ ही जिनका बॉडी बैलेंस पर अच्छा कंट्रोल हो।
  • आयोजन के दौरान बनाया पिरामिड केवल 7-8 लेयर के बीच ही बनना चाहिए। इससे ज्यादा लेयर का पिरामिड बनाना खतरनाक हो सकता है।
  • उंचाई पर लटकाई गई दही हांडी की मटकी को 20 फीट से ज्यादा ऊपर न हो।
  • कोशिश करें कि इस आयोजन में 18 साल से कम उम्र के बच्चे हिस्सा न लें और अगर लें तो मुख्य आयोजन से पहले वो इसकी प्रैक्टिस कर लें।
  • इसके अलावा एक आदमी समारोह पर कड़ी निगरानी रखने के लिए भी नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे।
लखनऊ। जन्माष्टमी के खास मौके पर पूरे देश में दही हांडी उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। खासतौर पर महाराष्ट्र में जन्माष्टमी में अलग ही नजारा दिखाई देता है, एक के बाद एक लोग कई लेयर में ऊंचे-ऊंचे पिरामिड बनाकर दही हांडी की मटकी को फोड़ते हैं। दही हांडी उत्सव में सबसे ऊपर खड़े होने वाले लड़के को गोविंदा कहा जाता है और समूह के बाकि लड़कों को मंडल कहा जाता है। कई बार दही-हांडी उत्सव के…