बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा दिल्ली के अस्पताल में भर्ती

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नई दिल्ली। बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। सीने में संक्रमण के चलते मंगलवार को उन्हें भर्ती करना पड़ा। इससे पहले भी दलाई लामा दिल्ली आकर अपना उपचार करवा चुके हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने छाती में संक्रमण से जुड़े कुछ मेडिकल टेस्ट कराए थे जिनकी रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है।

Dalai Lama Hospitalized With Chest Infection :


दलाई लामा के निजी सचिव तेनजिन टकला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार को तबियत बिगडऩे के चलते दलाई लामा को धर्मशाला से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि दलाई लामा अक्सर दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचार कराने आते रहे हैं। उधर देर रात तक अस्पताल की ओर से भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

निजी सचिव का कहना है कि अगले दो तीन दिन तक दलाई लामा अस्पताल में भर्ती रह सकते हैं। दलाई लामा ने कुछ दिनों पहले ही एक उद्बोधन में अपनी बढ़ती उम्र और पुनर्जन्म के बारे में बताया था। 1959 में भारत ने दलाईलामा को शरण दी थी। उस वक्त वह एक सैनिक के लिबास में हिमालय को पार कर गए थे।

तिब्बत में सराहनीय कामों के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने कहा था कि चीन दलाईलामा के पुनर्जन्म की महत्ता समझता है। बीजिंग अगले दलाईलामा को लेकर चिंतित भी है। भविष्य में यदि दो दलाईलामा अस्तित्व में आते हैं, एक यहां स्वतंत्र देश से और दूसरा जिसे चीन चुने, तो ऐसे में चीन द्वारा चुने गए दलाईलामा को कोई सम्मान नहीं देगा। यह चीन के लिए बड़ी समस्या है और यह संभव है।

नई दिल्ली। बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। सीने में संक्रमण के चलते मंगलवार को उन्हें भर्ती करना पड़ा। इससे पहले भी दलाई लामा दिल्ली आकर अपना उपचार करवा चुके हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने छाती में संक्रमण से जुड़े कुछ मेडिकल टेस्ट कराए थे जिनकी रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है।


दलाई लामा के निजी सचिव तेनजिन टकला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार को तबियत बिगडऩे के चलते दलाई लामा को धर्मशाला से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि दलाई लामा अक्सर दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचार कराने आते रहे हैं। उधर देर रात तक अस्पताल की ओर से भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

निजी सचिव का कहना है कि अगले दो तीन दिन तक दलाई लामा अस्पताल में भर्ती रह सकते हैं। दलाई लामा ने कुछ दिनों पहले ही एक उद्बोधन में अपनी बढ़ती उम्र और पुनर्जन्म के बारे में बताया था। 1959 में भारत ने दलाईलामा को शरण दी थी। उस वक्त वह एक सैनिक के लिबास में हिमालय को पार कर गए थे।

तिब्बत में सराहनीय कामों के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने कहा था कि चीन दलाईलामा के पुनर्जन्म की महत्ता समझता है। बीजिंग अगले दलाईलामा को लेकर चिंतित भी है। भविष्य में यदि दो दलाईलामा अस्तित्व में आते हैं, एक यहां स्वतंत्र देश से और दूसरा जिसे चीन चुने, तो ऐसे में चीन द्वारा चुने गए दलाईलामा को कोई सम्मान नहीं देगा। यह चीन के लिए बड़ी समस्या है और यह संभव है।