शोहदेबाजी से परेशान छात्रा ने की आत्महत्या, अखिलेश की 1090 ने की होती कार्रवाई तो शायद बच जाती जान

जालौन: महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों को रोकने के तमाम दावें प्रदेश में किये जा रहे है मगर आज भी महिलाये अपने आपको न केवल असुरक्षित महसूस करती है बल्कि कोई न्याय न मिलने से आहत मौत को भी गले लगा लेती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है बुंदेलखंड के महोबा से जहाँ एक दलित छात्रा से शोहदें से तंग आकर अपनी जान दें दी। पीड़िता ने कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की और 1090 को भी अपना दर्द बताया मगर कोई मदद न मिलते देख छात्रा ने जहर खाकर अपनी जान दें दी। घटना से मृतिका के परिजनों में कोहराम मच गया है वहीँ अब पुलिस कार्यवाहीं करने की बात कह रही है।




उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने के नाम पर तमाम योजनाए चला रही है इन्ही योजनाओं के बल पर पुनः अखिलेश सरकार सत्ता पर आना चाहती है मगर इन योजनाओं से महिलाओं को सुरक्षा मिलना तो दूर क़ानूनी मदद तक नहीं मिल रही। नतीजन महिलाएं, छात्राएं अपने जीवन से भी हाथ दो बैठती है। मामला बुंदेलखंड के महोबा जनपद का है। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुभाषनगर में रहने वाले दलित नंदलाल अहिरवार की इकलौती बेटी पिंकी बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।

पिंकी को मोहल्ले का ही रहने वाला राजू साहू कॉलेज आते जाते पिंकी को आये दिन छेड़ता था। यहीं नहीं उसका रास्ता रोककर उसे तंग भी करता था। पिंकी ने उसकी इस हरकतों की जानकारी अपने माँ-बाप को दी। एहतियातन नंदलाल ने पिंकी का कॉलेज जाना कम कर दिया। मगर राजू अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और पिंकी की माँ के नंबर पर फोन कर अश्लीलता करने लगा आखिरकार पिंकी ने 1090 को घटना की जानकारी दी मगर उसे कोई मदद नहीं मिली।

पिंकी के परिजनों की माने तो जबरन शादी करने के लिए भी उसने परिवार को अपने दबंग साथियों के साथ आकर धमकाया इस बात की लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस को दी गई लेकिन मृतिका के पिता का आरोप है कि पुलिस ने शोहदें से रिश्वत ले ली और मामले को दबा दिया। पीड़िता के भाई जीतेन्द्र ने एएसपी राजेश सक्सेना से लिखित शिकायत की जिस पर एएसपी ने कार्यवाही का आश्वाशन भी दिया मगर न तो पुलिस ने उसकी मदद की और न ही मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद से दबंग राजू आये दिन पिंकी और उसके परिवार को परेशान करने लगा। पुलिस के इस लचर रवैये और शोहदे की छेड़खानी से तंग आकर पिंकी ने देर रात जहरीला पदार्थ खा लिया। पिंकी को तड़पता देख परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहाँ उसकी मौत हो गई।




घटना की सुचना मिलते ही सीओ जीतेन्द्र दुबे सहित कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पुलिस मामले में कार्यवाही करने की बात कह रही है।बहरहाल, भले ही अब पुलिस कार्यवाहीं के राग अलाप रही हो लेकिन सवाल ये है कि आखिरकार जिस पुलिस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है वो पहले कार्यवाही करने से क्यों बच रही थी ! क्या पिंकी की मौत के लिए शोहदेबाज के अलावा खाकी जिम्मेदार नहीं है।