दलित दूल्हे का घोड़ी चढ़ना दबंगों को नहीं आया रास, पुलिस सुरक्षा में चढ़ी बारात

दलित दूल्हे का घोड़ी चढ़ना दबंगों को नहीं आया रास, पुलिस सुरक्षा में चढ़ी बारात

जयपुर। मध्यप्रदेश और राजस्थान में अक्सर ऐसी घटनाएं सुनने में आतीं हैं जहां दलितों की शादियों को लेकर स्थानी रसूखदार लोग विवाद कर देते हैं, कभी दलित दूल्हें के घोड़ी चढ़ने को लेकर तो कभी दूल्हें के कार की सजावट देखकर इन रसूखदारों की त्योंरियां चढ़ जातीं हैं। फिर वे अपनी जाति के सम्मान के नाम पर दलितों के शादी समारोह में वाधा डाल देते हैं। अब ऐसे मामलों को खबरों में सुर्खियां मिलने के चलते इन राज्यों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी गंभीर हो चले हैं। ऐसा ही एक मामला गुरुवार को राजस्थान के अजमेर जिलाधिकारी के सामने पहुंचा और उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस सुरक्षा प्रदान कर दलितों की बारात को को समपन्न करवाया।

मामला अंराई कस्बे की सरवर गांव का था जहां बैरवा जाति के प्रधान बैरवा की शादी का समारोह चल रहा था। परिवार के लोगों ने बारात ले जाने के लिए अपने दरवाजे पर घोड़ी मंगवाई थी। दलित के दरवाजे पर बारात के लिए आई घोड़ी देखते ही गांव के रसूखदार बिरादरी के लोगों ने बैरवा समाज के लोगों से बारात न निकालने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस बीच बैरवा लोगों को पता चला कि कुछ दबंग लोगों ने घुड़चड़ी के बाद बवाल करने की तैयारी कर रखी है। दलित समाज के लोग समझ चुके थे कि गांव के दबंग दूल्हा बने उनके बेटे को घोड़ी पर नहीं बैठने देंगे।

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गांव के बिगड़ते माहौल को देखते हुए समाज के कुछ लोगों ने जिलाधिकारी को घटना के विषय में सूचना दी। जिसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने दलितों की बारात को पुलिस सुरक्षा में निकालने के निर्देश जारी कर दिए। जिसके बाद आनन फानन में दो थानों की पुलिस ने सरवर गांव पहुंचकर अपनी सुरक्षा के घेरे में बारात की निकासी की रस्म पूरी करवाई।

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