इलाहाबाद हत्याकांड: विपक्षियों के निशाने पर योगी सरकार, बताया दलित विरोधी सरकार

इलाहाबाद हत्याकांड: विपक्षियों के निशाने पर योगी सरकार, बताया दलित विरोधी सरकार
इलाहाबाद हत्याकांड: विपक्षियों के निशाने पर योगी सरकार, बताया दलित विरोधी सरकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में विधि छात्र दिलीप सरोज की हत्या का मामला अब राजनीतिक पार्टियों के निशाने पर आ गया है। विपक्षियों ने योगी सरकार को घेरने के लिए अपने नेताओं को इलाहाबाद भेजकर मामले को राजनीतिक रंग देना शुरू कर दिया है। भारी विरोध के बाद सरकार की नींद खुली और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने तीन सदस्यीय दल का गठन किया है। इस दल को इलाहाबाद डिग्री काॅलेज के छात्र दिलीप सरोज के…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में विधि छात्र दिलीप सरोज की हत्या का मामला अब राजनीतिक पार्टियों के निशाने पर आ गया है। विपक्षियों ने योगी सरकार को घेरने के लिए अपने नेताओं को इलाहाबाद भेजकर मामले को राजनीतिक रंग देना शुरू कर दिया है। भारी विरोध के बाद सरकार की नींद खुली और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने तीन सदस्यीय दल का गठन किया है। इस दल को इलाहाबाद डिग्री काॅलेज के छात्र दिलीप सरोज के परिजनों से मुलाक़ात करने के लिए प्रतापगढ़ जाने के निर्देश दिये गए हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक छात्र के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है।

ये है मामला-

{ यह भी पढ़ें:- अखिलेश यादव ने कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ने का किया ऐलान }

रविवार की रात रेस्टोरेंट में खाना खाते समय दिलीप सरोज का पैर गलती से पास बैठे विजय शंकर सिंह को लग गया था। जिससे नाराज होकर विजय शंकर सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिलीप की बुरी तरह पिटाई कर दी। पिटाई में गंभीर रूप से घायल हुए दिलीप को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके कोमा चले जाने की बात कही। वहीं सोमवार की सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी विजय शंकर सिंह को हिरासत में ले लिया है। आरोपी भारतीय रेलवे का कर्मचारी बताया जा रहा है। मृतक दिलीप सरोज मूल रूप से प्रतापगढ़ के कुंडा का रहने वाला था। वह इलाहाबाद डिग्री कालेज से एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था और इलाहाबाद में ही हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। दिलीप का परिवार बड़े भाई महेश के साथ रायबरेली में रहता है। महेश जिला उद्योग केन्द्र में सांख्यकी अधिकारी के रूप में सेवारत हैं।

{ यह भी पढ़ें:- उन्नाव रेप केस में आरोपी भाजपा विधायक को सीबीआई ने किया गिरफ्तार }

दिलीप सरोज की हत्या के मामले में सपा और बसपा दोनों ने ही विधानसभा सत्र के दौरान योगी सरकार को घेरा है। सपा ने इस हत्याकांड को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल निशान बताया है तो बसपा ने दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटना के रूप में इस मामले को मुद्दा बनाया है।

बसपा मुखिया ने साधा निशाना-

बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर को दुखी परिवार से मुलाकात कर स्थानीय कार्यकर्ताओं से संभव मदद प्रदान करते हुए इस घटना पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि दिलीप सरोज के परिवार को हुई क्षति की पूर्ति किसी भी परिस्थिति में संभव नहीं है, लेकिन वह और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।

{ यह भी पढ़ें:- उन्नाव गैंगरेप मामला: HC ने एक घंटे में योगी सरकार से मांगा जवाब, 'विधायक को गिरफ्तार करेंगे या नहीं' }

Loading...