दारुल उलूम देवबंद ने जारी किया फतवा, दुकान पर गैर मर्दों से चूड़ी पहनना गैर इस्लामिक

दारुल उलूम देवबंद ने जारी किया फतवा, दुकान पर गैर मर्दों से चूड़ी पहनना गैर इस्लामिक
दारुल उलूम देवबंद ने जारी किया फतवा, दुकान पर गैर मर्दों से चूड़ी पहनना गैर इस्लामिक

नई दिल्ली। दारुल उलूम देवबंद ने महिलाओं को लेकर नया फतवा जारी किया है। फतवे में कहा गया है कि मुस्लिम औरतों का चूड़ी की दुकान पर पराए मर्दों से चूड़ी पहनना गैर इस्लामिक है। मौलाना अबुल इरफान मियां फिरंगीमहली ने कहा कि हाथ, पैर, आंखे ऐसी होती हैं जो कभी भी क‍िसी आदमी को रास्‍ता भटका सकती हैं। ऐसे में जब एक औरत गैर मर्द को अपना हाथ पकड़ाएगी तो हो सकता हालात बदल जाएं। इसील‍िए शरीयत के मुताबि‍क देनदार मुस्लिम औरतें को इन सब चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाह‍िए।

Darul Uloom Deoband Fatwa Muslim Women :

इस फतवे के बाद चूड़ी कारीगरों का कहना है कि अगर यह फतवा लागू हो जाए तो उनका कारोबार बंद हो जाएगा। क्योंकि यह काम 99 फीसदी मर्दी ही करते हैं। हालांकि, फतवे में ये भी कहा गया है कि चूड़ियां पहनना गलत नहीं है, लेकिन वो किसी गैर मर्द के हाथों से न पहनी जाएं।

दूसरी ओर बरेली के प्रसिद्ध दरगाह आला हजरत ने भी एक फतवा जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि समारोहों में मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों के साथ भोजन नहीं करना चाहिए, यह गैर इस्लामिक है। वहीं जारी फतवों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि ऐसे बेमतलब फतवों से ही इस्लाम की छवि खराब होती है और फतवे बेमानी होते जाते हैं।

नई दिल्ली। दारुल उलूम देवबंद ने महिलाओं को लेकर नया फतवा जारी किया है। फतवे में कहा गया है कि मुस्लिम औरतों का चूड़ी की दुकान पर पराए मर्दों से चूड़ी पहनना गैर इस्लामिक है। मौलाना अबुल इरफान मियां फिरंगीमहली ने कहा कि हाथ, पैर, आंखे ऐसी होती हैं जो कभी भी क‍िसी आदमी को रास्‍ता भटका सकती हैं। ऐसे में जब एक औरत गैर मर्द को अपना हाथ पकड़ाएगी तो हो सकता हालात बदल जाएं। इसील‍िए शरीयत के मुताबि‍क देनदार मुस्लिम औरतें को इन सब चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाह‍िए।इस फतवे के बाद चूड़ी कारीगरों का कहना है कि अगर यह फतवा लागू हो जाए तो उनका कारोबार बंद हो जाएगा। क्योंकि यह काम 99 फीसदी मर्दी ही करते हैं। हालांकि, फतवे में ये भी कहा गया है कि चूड़ियां पहनना गलत नहीं है, लेकिन वो किसी गैर मर्द के हाथों से न पहनी जाएं।दूसरी ओर बरेली के प्रसिद्ध दरगाह आला हजरत ने भी एक फतवा जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि समारोहों में मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों के साथ भोजन नहीं करना चाहिए, यह गैर इस्लामिक है। वहीं जारी फतवों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि ऐसे बेमतलब फतवों से ही इस्लाम की छवि खराब होती है और फतवे बेमानी होते जाते हैं।