सफाईकर्मी की बेटी को मिली 1 करोड़ की स्कॉलरशिप, जाएगी स्कॉटलैंड

rohini
सफाईकर्मी की बेटी को मिली 1 करोड़ की स्कॉलरशिप, जाएगी स्कॉटलैंड

नई दिल्ली। सफाईकर्मियों की बदौलत जहां इंदौर सफाई में देश में पहले नंबर पर आया है। वहीं, अब एक महिला सफाईकर्मी नूतन घावरी की बेटी रोहिणी को प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है। बीबीए करने के बाद मार्केटिंग में एमबीए कर चुकीं रोहिणी स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग के हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेगी।

Daughter Of A Cleaner From Indore Gets 1 Crore Scholarship For Phd In Scotland :

कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में सफाई कर्मचारी नूतन की बेटी रोहिणी घावरी को राज्य अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है। बीबीए करने के बाद मार्केटिंग में एमबीए कर चुकीं रोहिणी स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग के हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेगी।

सफाईकर्मी नूतन का कहना है कि जब रोहिणी बच्ची थी तो लगातार 12 साल तक वह अपने साथ उसे ड्यूटी पर ले जाती थी लेकिन उसका मन पढ़ाई में लगता था। इसे देखते हुए उसने गहने गिरवी रखकर रोहिणी को एमबीए कराया। रोहिणी वालीबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है।

रोहिणी का कहना है कि किसी रिश्तेदार के यहां परिवार के साथ शादी समारोह में जाने पर मेरी शादी में देर करने को लेकर जो लोग पापा को ताने मारते थे और कहते थे कि जल्दी शादी कर दो नहीं तो अच्छा लड़का नहीं मिलेगा, वे लोग ही आज पापा को बधाई दे देते हैं और अपने बच्चों को मेरा उदाहरण देते हैं।

नई दिल्ली। सफाईकर्मियों की बदौलत जहां इंदौर सफाई में देश में पहले नंबर पर आया है। वहीं, अब एक महिला सफाईकर्मी नूतन घावरी की बेटी रोहिणी को प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है। बीबीए करने के बाद मार्केटिंग में एमबीए कर चुकीं रोहिणी स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग के हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेगी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में सफाई कर्मचारी नूतन की बेटी रोहिणी घावरी को राज्य अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है। बीबीए करने के बाद मार्केटिंग में एमबीए कर चुकीं रोहिणी स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग के हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेगी। सफाईकर्मी नूतन का कहना है कि जब रोहिणी बच्ची थी तो लगातार 12 साल तक वह अपने साथ उसे ड्यूटी पर ले जाती थी लेकिन उसका मन पढ़ाई में लगता था। इसे देखते हुए उसने गहने गिरवी रखकर रोहिणी को एमबीए कराया। रोहिणी वालीबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है। रोहिणी का कहना है कि किसी रिश्तेदार के यहां परिवार के साथ शादी समारोह में जाने पर मेरी शादी में देर करने को लेकर जो लोग पापा को ताने मारते थे और कहते थे कि जल्दी शादी कर दो नहीं तो अच्छा लड़का नहीं मिलेगा, वे लोग ही आज पापा को बधाई दे देते हैं और अपने बच्चों को मेरा उदाहरण देते हैं।