मॉर्चरी से जिन्दा लौटा मृत युवक, पोस्टमार्टम शुरू होने से ठीक पहले चल पड़ी घंटों पहले रुकी नब्ज

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मॉर्चरी से जिन्दा लौटा मृत युवक, पोस्टमार्टम शुरू होने से ठीक पहले चल पड़ी घंटों पहले रुकी नब्ज
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में सड़क हादसे में गंभीर रुप से चोटिल हुए युवक को पोस्टमार्टम टेबल पर नई जिन्दगी मिली। डॉक्टरों ने उसे इलाज के बाद मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम का फैसला लिया, जिस वजह से शव को मॉर्चरी ले जाया गया। डॉक्टर और मॉर्चरी स्टॉफ पोस्टमार्टम शुरू करने ही वाले थे कि एकाएक डॉक्टर ने शव का हाथ पकड़ लिया। जिसके बाद मॉर्चरी में एक अजीब से हलचल शुरू हो गई। आनन फानन…

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में सड़क हादसे में गंभीर रुप से चोटिल हुए युवक को पोस्टमार्टम टेबल पर नई जिन्दगी मिली। डॉक्टरों ने उसे इलाज के बाद मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम का फैसला लिया, जिस वजह से शव को मॉर्चरी ले जाया गया। डॉक्टर और मॉर्चरी स्टॉफ पोस्टमार्टम शुरू करने ही वाले थे कि एकाएक डॉक्टर ने शव का हाथ पकड़ लिया। जिसके बाद मॉर्चरी में एक अजीब से हलचल शुरू हो गई। आनन फानन में युवक को वापस अस्पताल में भर्ती किया गया।

कहते हैं जाकों राखे साईयां मार सके न कोई। यह कहावत इस मामले में चरित्रार्थ होती नजर आई है। जहां सड़क हादसे में जिन्दा बचने के बाद बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बड़े अस्पताल में मृत घोषित किए गए इस युवक को पोस्टमार्टम के लिए एक सरकारी अस्पताल की मॉर्चरी में ले जाया गया। जहां से वह जिन्दा वापस लौट आया।

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इस पूरे मामले में युवक के परिजन पूरे घटनाक्रम को चमत्कार के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस मामले को डॉक्टरों की लापरवाई के रूप में देख रहे हैं। युवक के परिजनों की माने तो उनके लिए बेटे का जीवित होना ही सच्चाई है।​ छिंदवाड़ा में सड़क हादसा होने के बाद वह बेटे को लेकर नागपुर गए थे। जहां इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। नागपुर के अस्पताल से शव लेकर वापस छिंदवाडा पहुंचे परिजन पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचे थे। इस पूरे घटनाक्रम में घंटों बीतने के दौरान परिजनों को एक पल भी इस बात का एहसास नहीं हुआ कि वह जिसे शव समझ रहे हैं, वह जिन्दा है। परिवार पूरी तरह से इस बात को मान चुका था कि उनका बेटा मर चुका है।

मॉर्चरी में शव की चीर फाड़ की तैयारियां पूरी हो चुकीं थी, डॉक्टर ने मौके पर पहुंचते ही गलती से शव का हाथ पकड़ लिया। जिसके बाद उसे मृतक की नब्ज चलने का एहसास हुआ। जिसके बाद आनन फानन में युवक को दोबारा इलाज के लिए भर्ती किया गया। परिजन पोस्टर्माटम करने वाले डॉक्टर को भगवान के रूप में देख रहे हैं, जिसका हाथ लगते ही उनके बेटे की नब्ज दोबारा चालू हो गई।

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