वैज्ञानिक के शव के साथ रह रहे थे भाई-बहन, बदबू आने पर हुआ खुलासा

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक का करीब हफ्ते भर पुराना शव बरमाद हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतक वैज्ञानिक के भाई-बहन उनके शव के साथ कई दिनों से रह रहे थे। घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मुताबिक भाई-बहन मानसिक रोगी हैं, उन्हे इलाज के लिये भर्ती करा दिया गया है।

Dead Body Of Nuclear Scientist Yashveer Sood Found In Delhi :

मिली जानकारी के मुताबिक यशवरी सूद प्रिंसिपल वैज्ञानिक पद से न्यूक्लियर साइंस डिपार्टमेंट से 2015 में रिटायर हुए थे। जिसके बाद उनसे सरकारी आवास खाली करने को कहा गया था। जिसके बाद सूद संस्थान के परिसर के एक कमरे में रहने लगे थे। बताया जा रहा है कि रिटायरमेंट के बाद से यशवीर सूद ने अपनी ग्रैच्युटी और पेंशन के पैसे निकाले ही नहीं।

पुलिस ने मुताबिक मृतक के भाई हरीश और बहन कमला का शारीरिक स्वास्थ्य बेहद खराब है। घर के हालात देखकर लग रहा है कि स्थिति बहुत खराब थी। कमला और हरीश को इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड अलाइड सांइसेज में भर्ती कराया गया है और सूद के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि सूद के पिता भी पूसा संस्थान में वैज्ञानिक थे।

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक का करीब हफ्ते भर पुराना शव बरमाद हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतक वैज्ञानिक के भाई-बहन उनके शव के साथ कई दिनों से रह रहे थे। घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मुताबिक भाई-बहन मानसिक रोगी हैं, उन्हे इलाज के लिये भर्ती करा दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक यशवरी सूद प्रिंसिपल वैज्ञानिक पद से न्यूक्लियर साइंस डिपार्टमेंट से 2015 में रिटायर हुए थे। जिसके बाद उनसे सरकारी आवास खाली करने को कहा गया था। जिसके बाद सूद संस्थान के परिसर के एक कमरे में रहने लगे थे। बताया जा रहा है कि रिटायरमेंट के बाद से यशवीर सूद ने अपनी ग्रैच्युटी और पेंशन के पैसे निकाले ही नहीं। पुलिस ने मुताबिक मृतक के भाई हरीश और बहन कमला का शारीरिक स्वास्थ्य बेहद खराब है। घर के हालात देखकर लग रहा है कि स्थिति बहुत खराब थी। कमला और हरीश को इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड अलाइड सांइसेज में भर्ती कराया गया है और सूद के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि सूद के पिता भी पूसा संस्थान में वैज्ञानिक थे।