कानपुर रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 137, कई अभी भी लापता

कानपुर। रविवार की सुबह कानपुर देहात के पुखरायॉ में हुए रेल हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार की सुबह जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 137 हो गई है, जबकि करीब 60 लोगों को गंभीर हालत में डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा हो चुका है। ट्रैक की बहाली के लिए काम किया जा रहा है।




मिली जानकारी के मुताबिक इंदौर पटना एक्सप्रेस हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर करीब 50 लोगों के लापता होने की जानकारी भी सामने आ रही है। इन लोगों के परिजन कानपुर के हैलट और कानपुर देहात के श्यामला प्रसाद मुखर्जी अस्पताल मांती समेंत उन तमाम अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं जहां घायलों का इलाज हो रहा है या मृतकों के शवों को शिनाख्त के लिए रखा गया है।




सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक लगभग 80 शवों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में सबसे बड़ी संख्या यूपी के लोगों की है। बताया गया है कि मरने वालों में अब तक 44 लोगों की पहचान हुई है जो यूपी के हैं, जबकि 20 मृतक मध्यप्रदेश, 14 बिहार व एक एक महाराष्ट्र और गुजरात के हैं।

यह रेल हादसा अपने पीछे कई उजड़े हुए परिवारों को छोड़ गया है। हादसे ने किसी बूढ़े मां—बाप के बेटे बहू को छीन लिया तो कई बच्चे अनाथ हो गए। किसी का भाई नहीं मिल रहा है तो किसी को अपनी बहन और उसके पति की ​तलाश है जिनका जिन्दा होने की उम्मीद सिर्फ इसलिए बाकी है क्योंकि उनके मारे जाने की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।




बताया जा रहा है कि रेलवे के अधिकारियों ने इस हादसे में मामूली रूप से घायल हुए लोगों को उपचार के बाद दो राहत ट्रेनों से बिहार और मध्यप्रदेश पहुंचा दिया है। हादसे की उच्च स्तरीय जांच के लिए टीमें छानबीन करने में जुट गईं हैं।