नागरिकता बिल पर राज्ससभा में बहस, कांग्रेस बोली- लोगों को बांटने वाला बिल, 2 देशों की थ्योरी हमारी नही

Anand Sharma
नागरिकता बिल पर राज्यसभा में बहस, कांग्रेस बोली-लोगों को बांटने वाला बिल, 2 देशों की थ्योरी कांग्रेस की नही

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने जबसे संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल लाने का ऐलान किया था तभी से कांग्रेस खुलकर इस बिल का विरोध कर रही है। जब सोमवार को लोकसभा में बिल पेश किया गया तो कांग्रेस और भाजपा के बीच काफी घमासान हुआ। हालांकि मोदी सरकार ने लोकसभा में आसानी के साथ बिल पास करवा लिया। वहीं आज बिल राज्यसभा में पेष किया गया तो एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच बहस छिड़ गयी है। कांग्रेस की तरफ से आनंद ​शर्मा ने कहा कि ये बिल लोगों को बांटने वाला है, रही बात भारत को दो देशों में बांटने की तो वो सिर्फ कांग्रेस का फैसला नही था।

Debate In The Rajya Sabha On The Citizenship Bill Congress Bid Sharing Bill Theory Of 2 Countries Not Congress :

आज दोपहर 12 ​बजे जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बिल को पेश किया तो विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। आनंद शर्मा कहा कि पहले और अब के बिल में काफी अंतर है, सबसे बात करने का जो दावा किया जा रहा है उससे मैं सहमत नहीं हूं। उन्होने कहा कि इस बिल को लेकर जल्दबाजी क्यों हो रही है, संसदीय कमेटी के पास इसे भेजा जाता और तब लाया जाता।

उन्होने कहा कि 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, ये विरोध के लायक ही है। ये बिल संवैधानिक, नैतिक आधार पर गलत है, ये बिल प्रस्तावना के खिलाफ है। ये बिल लोगों को बांटने वाला है। हिंदुस्तान की आजादी के बाद देश का बंटवारा हुआ था, तब संविधान सभा ने नागरिकता पर व्यापक चर्चा हुई थी। बंटवारे की पीड़ा पूरे देश को थी, जिन्होंने इसपर चर्चा की उन्हें इसके बारे में पता था।

आनंद शर्मा ने कहा कि संविधान निर्माताओं पर सवाल उठाना बिल्कुल गलत है। भारत के संविधान में किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ, बंटवारे के बाद जो लोग यहां पर आए उन्हें सम्मान मिला हैं पाकिस्तान से आए दो नेता प्रधानमंत्री भी बने हैं। उन्होने कहा कि टू नेशन थ्योरी कांग्रेस पार्टी ने नहीं दी थी, वो सावरकर ने हिंदू महासभा की बैठक में दी थी। आनंद शर्मा ने कहा उन्हे दुख हुआ जब गृह मंत्री ने बंटवारे का आरोप उन कांग्रेसी नेताओं पर लगाया जिन्होंने जेल में वक्त गुजारा।

आपको बता दें​ कि दूसरे देश से आने वाले शरणार्थियों को इस बिल के तहत नागरिकता दी जायेगी लेकिन उसमें मुस्लिमों का जिक्र नही किया गया है, इसी बात का विरोधी पार्टियां विरोध कर रही हैं। जबसे लो​कसभा बिल पास हुआ तभी से असम समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। इस पर बोलते हुए आनंद शर्मा बोले असम में आज लोग जल रहे हैं, उनके मन में असुरक्षा है लेकिन आप पूरे देश में NRC लाने की बात कह रहे हैं।

आनंद शर्मा बोले कि गांधी-पटेल का नाम लेने से कुछ नहीं होगा। अगर सरदार पटेल पीएम मोदी से मिलते तो बहुत नाराज होते..गांधी का चश्मा सिर्फ विज्ञापन के लिए नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अभी तक 9 संशोधन आए, गोवा, दमन-दीव, पुड्डूचेरी, युंगाडा, श्रीलंका, केन्या से आए लोगों को भारत की नागरिकता दी गई। 6 साल देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी थे, क्या उनपर भी सवाल खड़ा करेंगे।

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने जबसे संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल लाने का ऐलान किया था तभी से कांग्रेस खुलकर इस बिल का विरोध कर रही है। जब सोमवार को लोकसभा में बिल पेश किया गया तो कांग्रेस और भाजपा के बीच काफी घमासान हुआ। हालांकि मोदी सरकार ने लोकसभा में आसानी के साथ बिल पास करवा लिया। वहीं आज बिल राज्यसभा में पेष किया गया तो एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच बहस छिड़ गयी है। कांग्रेस की तरफ से आनंद ​शर्मा ने कहा कि ये बिल लोगों को बांटने वाला है, रही बात भारत को दो देशों में बांटने की तो वो सिर्फ कांग्रेस का फैसला नही था। आज दोपहर 12 ​बजे जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बिल को पेश किया तो विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। आनंद शर्मा कहा कि पहले और अब के बिल में काफी अंतर है, सबसे बात करने का जो दावा किया जा रहा है उससे मैं सहमत नहीं हूं। उन्होने कहा कि इस बिल को लेकर जल्दबाजी क्यों हो रही है, संसदीय कमेटी के पास इसे भेजा जाता और तब लाया जाता। उन्होने कहा कि 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, ये विरोध के लायक ही है। ये बिल संवैधानिक, नैतिक आधार पर गलत है, ये बिल प्रस्तावना के खिलाफ है। ये बिल लोगों को बांटने वाला है। हिंदुस्तान की आजादी के बाद देश का बंटवारा हुआ था, तब संविधान सभा ने नागरिकता पर व्यापक चर्चा हुई थी। बंटवारे की पीड़ा पूरे देश को थी, जिन्होंने इसपर चर्चा की उन्हें इसके बारे में पता था। आनंद शर्मा ने कहा कि संविधान निर्माताओं पर सवाल उठाना बिल्कुल गलत है। भारत के संविधान में किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ, बंटवारे के बाद जो लोग यहां पर आए उन्हें सम्मान मिला हैं पाकिस्तान से आए दो नेता प्रधानमंत्री भी बने हैं। उन्होने कहा कि टू नेशन थ्योरी कांग्रेस पार्टी ने नहीं दी थी, वो सावरकर ने हिंदू महासभा की बैठक में दी थी। आनंद शर्मा ने कहा उन्हे दुख हुआ जब गृह मंत्री ने बंटवारे का आरोप उन कांग्रेसी नेताओं पर लगाया जिन्होंने जेल में वक्त गुजारा। आपको बता दें​ कि दूसरे देश से आने वाले शरणार्थियों को इस बिल के तहत नागरिकता दी जायेगी लेकिन उसमें मुस्लिमों का जिक्र नही किया गया है, इसी बात का विरोधी पार्टियां विरोध कर रही हैं। जबसे लो​कसभा बिल पास हुआ तभी से असम समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। इस पर बोलते हुए आनंद शर्मा बोले असम में आज लोग जल रहे हैं, उनके मन में असुरक्षा है लेकिन आप पूरे देश में NRC लाने की बात कह रहे हैं। आनंद शर्मा बोले कि गांधी-पटेल का नाम लेने से कुछ नहीं होगा। अगर सरदार पटेल पीएम मोदी से मिलते तो बहुत नाराज होते..गांधी का चश्मा सिर्फ विज्ञापन के लिए नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अभी तक 9 संशोधन आए, गोवा, दमन-दीव, पुड्डूचेरी, युंगाडा, श्रीलंका, केन्या से आए लोगों को भारत की नागरिकता दी गई। 6 साल देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी थे, क्या उनपर भी सवाल खड़ा करेंगे।