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लॉक डाउन के दौरान आकस्मिक मृत्यु दर में आई कमी शव दाह के लकड़ियों का कारोबार हुआ ठप्प

Decrease In Accidental Mortality During Lock Down Dead Wood Was Traded

By ravijaiswal 
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कोरोना महामारी को लेकर लॉक डाउन लगा ,लोग अपने अपने घरों में कैद हो गए ,इस दौरान आकस्मिक मृत्यु दर में आई कमी ,शव दाह के लिए लकड़ियों का कारोबार हुआ ठप्प मुख्यचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि
पहले प्रति दिन 12 से 15 लोगों के होते थे पोस्टमार्टम

एक तरफ जहां पूरे विश्व में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस का दहसत है और प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में नागरिकों को मौत के आगोश में ले लिया । वहीं कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉक डाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है । कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉक डाउन लगाया गया, लेकिन इसका एक अलग ही प्रभाव पड़ा लॉक डाउन की वजह से दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है। सीएम योगी के गृह जनपद गोरखपुर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि सामान्य दिनों में दुर्घटना जहरखुरानी और अन्य किसी कारण से प्रतिदिन 12 से 15 मौतों के पोस्टमार्टम प्रतिदिन होता था जिसमें ज्यादातर दुर्घटनाओं से संबंधित मौतें होती थी, सशंकित या जहरखुरानी के केश होते थे, वह निश्चित तौर पर कम हो गए हैं। सामान्य मौतों में पोस्टमार्टम होती ही नहीं है, लेकिन कुल मौतों की संख्या में जरूर कमी आई है। वहीं दूसरी तरफ राप्ती नदी के तट पर स्थित बैकुंठ धाम जहां पर प्रति दिन 12 से 25 शव आते थे वहां भी लॉक डाउन है । इस समय 2 से 4 शव प्रतिदिन आ रहे हैं। नदी के आसपास लकड़ियों का कारोबार करने वालों का भी कारोबार पूरी तरह से ठप है।

बाइट– डॉ श्रीकांत तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर

रिपोर्टर….रवि जायसवल

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