इसलिए दीपिका पादुकोण को ‘क्रिस्टल अवॉर्ड’ से किया गया सम्मानित

इसलिए दीपिका पादुकोण को 'क्रिस्टल अवॉर्ड' से किया गया सम्मानित
इसलिए दीपिका पादुकोण को 'क्रिस्टल अवॉर्ड' से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली। भारत में मानसिक रोगियों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है, जहां लोग इस रोग के बारे में बात करना अवॉइड करते हैं, लेकिन ऐसे में बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने दुनिया के सामने न सिर्फ इसे स्वीकार किया बल्कि इसके खिलाफ एक अभियान भी छेड़ दिया। अब उनके इन्हीं प्रयासों के लिए उन्हें वर्ल्ड इकनॉमिक फॉरम की तरफ से क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

Deepika Padukone Get Crystal Award 2020 For Her Mental Health Awareness Contribution :


स्विटजरलैंड के दावोस शहर में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फॉरम की तरफ से दीपिका को 26वें वार्षिक क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बता दें कि दीपिका पादुकोण को ये सम्मान मेंटल हेल्थ सेक्टर में उनके सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।


मानसिक रोग के दौर से गुजर चुकी दीपिका ने साल 2015 में ‘द लाइव लव लाफ फाउंडेशन’ की स्थापनी की। ये फाउंडेशन मेंटल डिसॉर्डर से पीड़ित लोगों के लिए एक आशा की नई किरण साबित हुई।


दीपिका पादुकोण ने अवॉर्ड स्वीकारते हुए कहा कि किस तरह उनकी मम्मी ने उनकी इस बीमारी को पहचाना था और किस तरह वो इससे लड़ने में सक्षम हुईं। साथ ही उन्होंने बताया कि इस बीमारी का इलाज है और इससे घबराने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है।

नई दिल्ली। भारत में मानसिक रोगियों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है, जहां लोग इस रोग के बारे में बात करना अवॉइड करते हैं, लेकिन ऐसे में बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने दुनिया के सामने न सिर्फ इसे स्वीकार किया बल्कि इसके खिलाफ एक अभियान भी छेड़ दिया। अब उनके इन्हीं प्रयासों के लिए उन्हें वर्ल्ड इकनॉमिक फॉरम की तरफ से क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
स्विटजरलैंड के दावोस शहर में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फॉरम की तरफ से दीपिका को 26वें वार्षिक क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बता दें कि दीपिका पादुकोण को ये सम्मान मेंटल हेल्थ सेक्टर में उनके सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।
मानसिक रोग के दौर से गुजर चुकी दीपिका ने साल 2015 में 'द लाइव लव लाफ फाउंडेशन' की स्थापनी की। ये फाउंडेशन मेंटल डिसॉर्डर से पीड़ित लोगों के लिए एक आशा की नई किरण साबित हुई।
दीपिका पादुकोण ने अवॉर्ड स्वीकारते हुए कहा कि किस तरह उनकी मम्मी ने उनकी इस बीमारी को पहचाना था और किस तरह वो इससे लड़ने में सक्षम हुईं। साथ ही उन्होंने बताया कि इस बीमारी का इलाज है और इससे घबराने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है।