मानहानि केस: सूरत कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, अगली सुनवाई 10 दिसंबर को

rahul gandhi
मानहानि केस: सूरत कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, अगली सुनवाई 10 दिसंबर को

नई दिल्ली। आम चुनाव 2019 के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के उपनाम ‘मोदी’ को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर किए गए एक मानहानि के मामले में राहुल गांधी गुरुवार को सूरत की एक कोर्ट में पेश हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एच कपाड़िया ने मई में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किए थे। यह समन स्थानीय भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से राहुल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद जारी किए गए थे।

Defamation Case Rahul Gandhi Appears In Surat Court Next Hearing On December 10 :

कोर्ट में जब जज ने पूछा कि क्या उन्हें अपना गुनाह कबूल है, तो राहुल गांधी ने कहा- नहीं। राहुल गांधी ने इस मामले में पेशी से छूट के लिए अर्जी डाली है। कोर्ट 10 दिसंबर को उनकी अर्जी पर जवाब देगा।

जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल को सुनवाई में निजी तौर पर पेश होने से छूट दी थी और अगली सुनवाई की तारीख 10 अक्टूबर नियत की थी। सूरत पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने अपनी शिकायत में कहा था कि कांग्रेस नेता ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय की मानहानि की है। इस पर अदालत ने कहा था कि वायनाड से सांसद के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक मानहानि का मामला बनता है।

आपको बता दें कि कर्नाटक में 13 अप्रैल को कोलार में अपनी एक प्रचार रैली के दौरान राहुल ने कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी आखिर इन सभी का उपनाम मोदी क्यों है ? सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है? शिकायत में पूर्णेश मोदी ने कहा था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से पूरे मोदी बिरादरी की मानहानि की है।

बीजेपी कर रही राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि केस को लेकर कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता को विपक्ष की आलोचना सहने की क्षमता होनी चाहिए। राहुल गांधी ने अपने भाषण में ललित मोदी और नीरव मोदी को चोर कहा था, जबकि नरेंद्र मोदी को असफल बताया था। भाजपा ने उनके बयान को पूरे मोदी समाज के साथ जोड़ दिया और बेइज्जती की।

नई दिल्ली। आम चुनाव 2019 के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के उपनाम 'मोदी' को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर किए गए एक मानहानि के मामले में राहुल गांधी गुरुवार को सूरत की एक कोर्ट में पेश हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एच कपाड़िया ने मई में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किए थे। यह समन स्थानीय भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से राहुल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद जारी किए गए थे। कोर्ट में जब जज ने पूछा कि क्या उन्हें अपना गुनाह कबूल है, तो राहुल गांधी ने कहा- नहीं। राहुल गांधी ने इस मामले में पेशी से छूट के लिए अर्जी डाली है। कोर्ट 10 दिसंबर को उनकी अर्जी पर जवाब देगा। जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल को सुनवाई में निजी तौर पर पेश होने से छूट दी थी और अगली सुनवाई की तारीख 10 अक्टूबर नियत की थी। सूरत पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने अपनी शिकायत में कहा था कि कांग्रेस नेता ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय की मानहानि की है। इस पर अदालत ने कहा था कि वायनाड से सांसद के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक मानहानि का मामला बनता है। आपको बता दें कि कर्नाटक में 13 अप्रैल को कोलार में अपनी एक प्रचार रैली के दौरान राहुल ने कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी आखिर इन सभी का उपनाम मोदी क्यों है ? सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है? शिकायत में पूर्णेश मोदी ने कहा था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से पूरे मोदी बिरादरी की मानहानि की है।

बीजेपी कर रही राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि केस को लेकर कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता को विपक्ष की आलोचना सहने की क्षमता होनी चाहिए। राहुल गांधी ने अपने भाषण में ललित मोदी और नीरव मोदी को चोर कहा था, जबकि नरेंद्र मोदी को असफल बताया था। भाजपा ने उनके बयान को पूरे मोदी समाज के साथ जोड़ दिया और बेइज्जती की।