सीमा विवाद पर बोले रक्षा विशेषज्ञ- यह चीन की सोची समझी रणनीति

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नई दिल्ली: लद्दाख की सरहद पर करीब एक महीने से चीन से जारी तनातनी पर चर्चा के लिए कार्यक्रम में ‘सुरक्षा सभा’ में लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकेतकर ने कहा कि आज का भारत 1962 का भारत नहीं है. हमारी सेना भारत के जमीन का कोई टुकड़ा शत्रु राष्ट्र के हाथों में जाने नहीं देगी, वरना राष्ट्र हमें माफ नहीं करेगा. हम इसकी सुरक्षा बनाए रखेंगे.

Defense Expert Said On Border Dispute This Is Chinas Considered Strategy :

‘सुरक्षा सभा’ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर रक्षा विशेषज्ञ तक शिरकत कर रहे हैं. ‘सुरक्षा सभा’ कार्यक्रम में 62 की बात पुरानी … हम हैं नए हिन्दुस्तानी के विशेष सत्र में लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकेतकर ने 1962 और आज के भारत के बारे में तुलना करते हुए कहा कि आज का भारत वो भारत नहीं रहा जिस पर पहले युद्ध थोप दिया गया था. आज भारत पहले की तुलना में काफी सशक्त हो गया है.

भारतीय सेना में बदलाव के सूत्रधार माने जाने वाले वाले लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकेतकर ने कहा कि आज सीमा पर तनाव क्यों है, इस पर सोचना होगा. चीन की ओर से यह सब अचानक नहीं हुआ. इसके लिए बहुत दिनों से तैयारी चल रही होगी. प्रशिक्षण चल रहा होगा. यह सब पहले से तय रणनीति के आधार पर है. यह चीनी रणनीति है कि पहले थोड़ी सी जमीन हासिल करो और फिर आगे की बात करो.

नई दिल्ली: लद्दाख की सरहद पर करीब एक महीने से चीन से जारी तनातनी पर चर्चा के लिए कार्यक्रम में 'सुरक्षा सभा' में लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकेतकर ने कहा कि आज का भारत 1962 का भारत नहीं है. हमारी सेना भारत के जमीन का कोई टुकड़ा शत्रु राष्ट्र के हाथों में जाने नहीं देगी, वरना राष्ट्र हमें माफ नहीं करेगा. हम इसकी सुरक्षा बनाए रखेंगे. 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर रक्षा विशेषज्ञ तक शिरकत कर रहे हैं. 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में 62 की बात पुरानी ... हम हैं नए हिन्दुस्तानी के विशेष सत्र में लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकेतकर ने 1962 और आज के भारत के बारे में तुलना करते हुए कहा कि आज का भारत वो भारत नहीं रहा जिस पर पहले युद्ध थोप दिया गया था. आज भारत पहले की तुलना में काफी सशक्त हो गया है. भारतीय सेना में बदलाव के सूत्रधार माने जाने वाले वाले लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकेतकर ने कहा कि आज सीमा पर तनाव क्यों है, इस पर सोचना होगा. चीन की ओर से यह सब अचानक नहीं हुआ. इसके लिए बहुत दिनों से तैयारी चल रही होगी. प्रशिक्षण चल रहा होगा. यह सब पहले से तय रणनीति के आधार पर है. यह चीनी रणनीति है कि पहले थोड़ी सी जमीन हासिल करो और फिर आगे की बात करो.