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भारत और चीन तनाव के बीच बोले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पूर्वी लद्दाख में हर चुनौती का जवाब देगा भारत

Defense Minister Rajnath Said Between India And China Tension We Are Going Through Challenges In East Ladakh

By सोने लाल 
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नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा में भारत-चीन के बीच सीवा विवाद को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ​ कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत की कोशिश है कि युद्ध जैसी स्थिति न बने और भारत शांति चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत दस मसले पर बातचीत से हल निकालने का पक्षधर है। सदन में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने दोनों देशों के बीच 1992 और 1996 में हुए समझौतों का उलंघन किया है।

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रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच एक नीति बनी थी कि LAC पर सेना कम से कम रखी जाएगी। विवाद होने पर बातचीत की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में इन नियमों का उलंघन नहीं किया जाएगा। दोनों देशों के बीच संघर्ष पैदा न हो, इसके लिए पारस्परिक समझ बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन चीन इस कोशिश से पीछे हट गया। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘चीन की गतिविधियों से स्पष्ट है कि उसकी कथनी और करनी में अंतर है। उसकी तरफ से फिर 29-30 अगस्त को उकसावे की कार्रवाई की गई। हमारे फर्म और समयबद्ध एक्शन के कारण वह सफल नहीं हो पाए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘सदन को जानकारी है कि पिछले कई दशकों में चीन ने बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधि शुरू की है, जिनसे सीमावर्ती इलाकों में उनकी डिप्लॉयमेंट क्षमता बढ़ी है। इसके जबाव में हमारी सरकार ने भी सीमावर्ती निर्माण विकास के लिए बजट बढ़ाया है, जो पहले से लगभग दुगुना हुआ है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन की तरफ से नियमों का उलंघन करने और समझौतों का पालन न किए जाने की वजह से एलएसी के आसपास फेस ऑफ के हालात पैदा हुए हैं। चीनी सेना का हिंसक व्यहवार सभी समझौतों का उल्लंघन है। उन्होंने अभी भी दक्षिण और उत्तर पैंगोंग सो समेत अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में गोलाबारूद इकठ्ठा किया हुआ है। हमने भी इसके जवाब में काउंटर डिप्लॉयमेंट किया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘एक ओर किसी को भी हमारे सीमा की सुरक्षा के प्रति हमारे दृढ़ निश्चय के बारे में संदेह नहीं होना चाहिए, वहीँ भारत यह भी मानता है कि पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों के लिए आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता रखना आवश्यक हैं।

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