दिल्ली विधानसभा चुनाव: भाजपा को झटका, दो साल में 8वें राज्य में एनडीए की हार

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दिल्ली विधानसभा चुनाव: भाजपा को झटका, दो साल में 8वें राज्य में एनडीए की हार

नई दिल्ली। बीते साल के अंत में झारखंड और अब 2020 शुरुआत में दिल्ली की करारी हार से बीजेपी का विजय रथ थमता जा रहा है। लोकसभा चुनावों में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बावजूद बीजेपी के हाथों से राज्य लगातार खिसकते जा रहे हैं। दिल्ली में भाजपा का सत्ता का 20 साल का वनवास पांच साल और बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रही है।

Delhi Assembly Elections Jolt To Bjp Ndas Defeat In 8th State In Two Years :

इसके साथ ही भाजपा के सियासी मैप में दिल्ली का नाम नहीं जुड़ पाया। देश में इस समय दिल्ली को मिलाकर 12 राज्यों में भाजपा के विरोधी दलों की सरकार है। भाजपा और एनडीए के पास 16 राज्यों में सरकार है। पिछले दो साल में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए सात राज्यों में सत्ता गंवा चुका है। अब दिल्ली में बीजेपी यह आठवीं हार होगी।

महाराष्ट्र में भी भाजपा अपनी सत्ता बचाने में नाकामयाब रही। हरियाणा में जेजेपी से गठबंधन कर उसने किसी तरह अपनी सरकार बचाई। झारखंड में बीजेपी को करारी हार झेलनी पड़ी। साल 2017 में भाजपा व सहयोगी दलों के पास 19 राज्य थे। दो साल में ही पार्टी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता गंवा दी। इसके बाद आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस ने सरकार बनाई। पहले राजस्थान, फिर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, पुडुचेरी में भाजपा को हार मिली। अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का राज है, जबकि केरल में माकपा के नेतृत्व वाली सरकार है। आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है। वहीं ओडिशा में बीजू जनता दल के नवीन पटनायक केंद्र सरकार से पर्याप्त दूरी बनाए रखते हैं। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक से जरूर बीजेपी की करीबी है।

नई दिल्ली। बीते साल के अंत में झारखंड और अब 2020 शुरुआत में दिल्ली की करारी हार से बीजेपी का विजय रथ थमता जा रहा है। लोकसभा चुनावों में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बावजूद बीजेपी के हाथों से राज्य लगातार खिसकते जा रहे हैं। दिल्ली में भाजपा का सत्ता का 20 साल का वनवास पांच साल और बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही भाजपा के सियासी मैप में दिल्ली का नाम नहीं जुड़ पाया। देश में इस समय दिल्ली को मिलाकर 12 राज्यों में भाजपा के विरोधी दलों की सरकार है। भाजपा और एनडीए के पास 16 राज्यों में सरकार है। पिछले दो साल में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए सात राज्यों में सत्ता गंवा चुका है। अब दिल्ली में बीजेपी यह आठवीं हार होगी। महाराष्ट्र में भी भाजपा अपनी सत्ता बचाने में नाकामयाब रही। हरियाणा में जेजेपी से गठबंधन कर उसने किसी तरह अपनी सरकार बचाई। झारखंड में बीजेपी को करारी हार झेलनी पड़ी। साल 2017 में भाजपा व सहयोगी दलों के पास 19 राज्य थे। दो साल में ही पार्टी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता गंवा दी। इसके बाद आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस ने सरकार बनाई। पहले राजस्थान, फिर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, पुडुचेरी में भाजपा को हार मिली। अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का राज है, जबकि केरल में माकपा के नेतृत्व वाली सरकार है। आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है। वहीं ओडिशा में बीजू जनता दल के नवीन पटनायक केंद्र सरकार से पर्याप्त दूरी बनाए रखते हैं। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक से जरूर बीजेपी की करीबी है।