शीला दीक्षित को चुनावी मैदान में हरा कर मनोज तिवारी उनके घर मिलने पहुंचे, जानिए क्यों

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नई दिल्ली। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात कर उनसे आशीर्वाद लिया। बता दें उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर यह दोनों नेता आमने-सामने थे। मनोज तिवारी ने तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को रिकॉर्ड 3,66,102 मतों के अंतर से हराया है।

Delhi Bjp Chief Manoj Tiwari Met Delhi Congress Chief Sheila Dikshit :

लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों पर सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है। दिल्ली बीजेपी के मीडिया सह संयोजक नीलकांत बख्शी ने कहा कि तिवारी को शीला की तबीयत खराब होने की सूचना मिली जिसके बाद उन्होंने 81 वर्षीय शीला के पूर्वी निजामुद्दीन स्थित घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। करीब 20 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान उन्होंने शीला से उनकी तबीयत के बारे में पूछा।

बख्शी ने कहा दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध हो सकते हैं और तिवारी ने दीक्षित से कहा कि वह उन्हें अपनी मां के समान मानते हैं। मोदी लहर पर सवार होकर बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी की सभी सात सीटों को जीतने में सफल रही। उसके सभी उम्मीदवारों को 50 फीसदी से ज्यादा मत मिले। वहीं कांग्रेस ने पिछले पांच साल में पहली बार आप के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया।

दिल्ली में कांग्रेस 22.5 प्रतिशतद्ध और आप 18.1 प्रतिशत के सम्मिलित वोट की तुलना में बीजेपी ने 56 प्रतिशत से ज्यादा मत हासिल किए। पश्विमी दिल्ली संसदीय सीट से मौजूदा सांसद प्रवेश वर्मा ने दूसरी बार रिकॉर्ड तोड़ 5.78 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। इस सीट पर दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के महाबल मिश्रा को 2,87,162 लाख मत मिले। वर्मा ने दिल्ली में सबसे ज्यादा अंतर से जीत के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा है।

वर्मा ने 2014 में इसी सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह को 2.68 लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। इस बार उन्हें इस सीट पर कुल डाले गए 14,41,601 मतों में से 8,65,648 मत मिले। उत्तर पश्चिम दिल्ली सुरक्षित सीट से बीजेपी उम्मीदवार हंस राज हंस ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी आप के गुगन सिंह पर 5,53,075 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। गायक से राजनेता बने हंस को कुल पड़े 14,02,962 मतों में से 8,48,663 मत मिले जबकि सिंह के खाते में सिर्फ 2,94,766 मत मिले।

उदित राज ने 2014 में यह सीट बीजेपी के टिकट पर एक लाख छह हजार से ज्यादा मतों के अंतर से जीती थी। क्रिकेटर से अभिनेता बने पूर्वी दिल्ली के बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर ने कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली को 3,91,222 मतों के अंतर से शिकस्त दी।

दक्षिण दिल्ली से भगवा पार्टी के गुर्जर चेहरा रमेश विधुड़ी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरे आप के राघव चड्ढा को 3,67,043 मतों के अंतर से हराया। नयी दिल्ली सीट से बीजेपी की मौजूदा सांसद लेखी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन को 2,56,504 मतों के अंतर से हराया। चांदनी चौक सीट से पार्टी के उम्मीदवार हर्षवद्र्धन ने 2,28,145 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

नई दिल्ली। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात कर उनसे आशीर्वाद लिया। बता दें उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर यह दोनों नेता आमने-सामने थे। मनोज तिवारी ने तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को रिकॉर्ड 3,66,102 मतों के अंतर से हराया है। लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों पर सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है। दिल्ली बीजेपी के मीडिया सह संयोजक नीलकांत बख्शी ने कहा कि तिवारी को शीला की तबीयत खराब होने की सूचना मिली जिसके बाद उन्होंने 81 वर्षीय शीला के पूर्वी निजामुद्दीन स्थित घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। करीब 20 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान उन्होंने शीला से उनकी तबीयत के बारे में पूछा। बख्शी ने कहा दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध हो सकते हैं और तिवारी ने दीक्षित से कहा कि वह उन्हें अपनी मां के समान मानते हैं। मोदी लहर पर सवार होकर बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी की सभी सात सीटों को जीतने में सफल रही। उसके सभी उम्मीदवारों को 50 फीसदी से ज्यादा मत मिले। वहीं कांग्रेस ने पिछले पांच साल में पहली बार आप के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया। दिल्ली में कांग्रेस 22.5 प्रतिशतद्ध और आप 18.1 प्रतिशत के सम्मिलित वोट की तुलना में बीजेपी ने 56 प्रतिशत से ज्यादा मत हासिल किए। पश्विमी दिल्ली संसदीय सीट से मौजूदा सांसद प्रवेश वर्मा ने दूसरी बार रिकॉर्ड तोड़ 5.78 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। इस सीट पर दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के महाबल मिश्रा को 2,87,162 लाख मत मिले। वर्मा ने दिल्ली में सबसे ज्यादा अंतर से जीत के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा है। वर्मा ने 2014 में इसी सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह को 2.68 लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। इस बार उन्हें इस सीट पर कुल डाले गए 14,41,601 मतों में से 8,65,648 मत मिले। उत्तर पश्चिम दिल्ली सुरक्षित सीट से बीजेपी उम्मीदवार हंस राज हंस ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी आप के गुगन सिंह पर 5,53,075 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। गायक से राजनेता बने हंस को कुल पड़े 14,02,962 मतों में से 8,48,663 मत मिले जबकि सिंह के खाते में सिर्फ 2,94,766 मत मिले। उदित राज ने 2014 में यह सीट बीजेपी के टिकट पर एक लाख छह हजार से ज्यादा मतों के अंतर से जीती थी। क्रिकेटर से अभिनेता बने पूर्वी दिल्ली के बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर ने कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली को 3,91,222 मतों के अंतर से शिकस्त दी। दक्षिण दिल्ली से भगवा पार्टी के गुर्जर चेहरा रमेश विधुड़ी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरे आप के राघव चड्ढा को 3,67,043 मतों के अंतर से हराया। नयी दिल्ली सीट से बीजेपी की मौजूदा सांसद लेखी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन को 2,56,504 मतों के अंतर से हराया। चांदनी चौक सीट से पार्टी के उम्मीदवार हर्षवद्र्धन ने 2,28,145 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।