Delhi Metro: जल्द चलेगी रबड़ के टायर वाली मेट्रो, जाने हैरान करने वालीं खूबियां

Delhi Metro: जल्द चलेगी रबड़ के टायर वाली मेट्रो, जाने हैरान करने वालीं खूबियां
Delhi Metro: जल्द चलेगी रबड़ के टायर वाली मेट्रो, जाने हैरान करने वालीं खूबियां

नई दिल्ली। दिल्ली में जल्द ही आपको रबड़ युक्त पहिए वाली मेट्रो चलती नजर आ सकती है। दरअसल, लाइट मेट्रो के बाद अब केंद्र सरकार जल्द ही टायर वाली मेट्रो लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नीति भी तैयार की जा रही है। इस बात की जानकारी ग्रे लाइन पर मेट्रो के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने दी।

Delhi City Ncr Metro Train Will Run With Rubber Tires :

हरदीप सिंह ने कहा कि मेट्रो बड़े शहरों के लिए सफल सार्वजिनक परिवहन की सुविधा है। दिल्ली मेट्रो की सफलता के बाद द्वितीय व तृतीय स्तर के शहरों में भी मेट्रो जैसी सुविधाओं की मांग हो रही है। मेट्रो के निर्माण में खर्चा काफी अधिक आता है, इसलिए इन शहरों में मेट्रो लाइट की नीति को अपनाया गया। दरअसल इससे मेट्रो के निर्माण में 30 फीसद खर्च कम हो जाता है। मेट्रो लाइट के बाद अब मेट्रो ऑन टायर्स नीति पर काम किया जा रहा है। ऐसे में अब मेट्रो के विकास में खर्च पहले से और भी कम हो जाएगा।

टायर वाली मेट्रो में होगा ये खास

  • टायर वाली मेट्रो पेरिस, हांक कांग समेत कई देशों में सफलतापूर्वक चल रही है।
  • इसके रफ्तार तकरीबन 60 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
  • इसे मेट्रोलाइट के नाम से भी जाना जाता है।
  • टायर वाली मेट्रो के संचालन में 3 गुना कम यानी 100 करोड़ रुपये प्रति किमी की लागत आती है।
नई दिल्ली। दिल्ली में जल्द ही आपको रबड़ युक्त पहिए वाली मेट्रो चलती नजर आ सकती है। दरअसल, लाइट मेट्रो के बाद अब केंद्र सरकार जल्द ही टायर वाली मेट्रो लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नीति भी तैयार की जा रही है। इस बात की जानकारी ग्रे लाइन पर मेट्रो के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने दी। हरदीप सिंह ने कहा कि मेट्रो बड़े शहरों के लिए सफल सार्वजिनक परिवहन की सुविधा है। दिल्ली मेट्रो की सफलता के बाद द्वितीय व तृतीय स्तर के शहरों में भी मेट्रो जैसी सुविधाओं की मांग हो रही है। मेट्रो के निर्माण में खर्चा काफी अधिक आता है, इसलिए इन शहरों में मेट्रो लाइट की नीति को अपनाया गया। दरअसल इससे मेट्रो के निर्माण में 30 फीसद खर्च कम हो जाता है। मेट्रो लाइट के बाद अब मेट्रो ऑन टायर्स नीति पर काम किया जा रहा है। ऐसे में अब मेट्रो के विकास में खर्च पहले से और भी कम हो जाएगा। टायर वाली मेट्रो में होगा ये खास
  • टायर वाली मेट्रो पेरिस, हांक कांग समेत कई देशों में सफलतापूर्वक चल रही है।
  • इसके रफ्तार तकरीबन 60 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
  • इसे मेट्रोलाइट के नाम से भी जाना जाता है।
  • टायर वाली मेट्रो के संचालन में 3 गुना कम यानी 100 करोड़ रुपये प्रति किमी की लागत आती है।