नजीब की तलाश मे JNU कैंपस पहुंची क्राइम ब्रांच टीम खाली हाथ लौटी

नई दिल्ली। दो महीनों से लापता JNU स्टूडेंट नजीब अहमद की गुमशुदी की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही। तमाम प्रयासों के बावजूद दिल्ली पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर चलाती नजर आ रही है। इस क्रम में एकबार फिर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम नजीब की तलाश मे सोमवार की सुबह यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंच गई। जहां क्राइम ब्रांच की टीम स्निफर डॉग्स के साथ जेएनयू कैंपस के चप्पे-चप्पे की तलाशी लेती नजर आई।




सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम को कैंपस की तलाशी के दौरान कुछ भी ऐसा नहीं मिला है जिससे उसे नजीब का पता लग सके। 15 अक्टूबर 2016 से लापता नजीब की गुमशुदी दो महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अनसुलझी गुत्थी बनकर दिल्ली पुलिस के लिए किरकिरी की वजह बनी हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी पिछले हफ्ते नजीब के लापता होने पर चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली पुलिस को पूरे कैंपस की छानबीन करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह निर्देश नजीब की मां फातिमा नफीस की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था।




अब तक खाली हाथ है पुलिस…

जेएनयू छ़ात्र नजीब की तलाश में दिल्ली पुलिस अब तक कई राज्यों की खाक छान चुकी है। उसे अन्य राज्यों से नजीब के देखे जाने की खबरें तो मिली लेकिन कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा जिसके बूते पुलिस नजीब तक पहुंच पाती। हालांकि इस दौरान दिल्ली पुलिस ने नजीब के बारे में जानकारी देने के लिए घोषित इनामी रकम को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। यह केस गत माह ही साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस से लेकर दिल्ली की क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है।




नजीब पर हो रही राजनीति…

नजीब को लेकर देश भर के छात्र-छात्रा सड़क पर उतर रहे है। जिसकी वजह से यह मामला हाई-प्रोफ़ाइल बन गया है और दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। कुछ लोग इसे साजिश के तौर पर भी देख रहे है तो कुछ राजनीतिक पार्टीया इस मुद्दे पर अपनी-अपनी सियासी रोटियां भी सेकने मे लगी हुई है।

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