दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद भाजपा में मंथन शुरू, नहीं काम आए ये मुद्दे

Delhi Election
दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद भाजपा में मंथन शुरू, नहीं काम आए ये मुद्दे

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी(आप) की प्रचंड जीत ने विपक्षियों को मंथन करने पर मजबूर कर दिया है। केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की झोली दिल्ली में पूरे 21 साल बाद भी खाली रही है। भाजपा अब दिल्ली में हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू कर चुकी है। इस सिलसिले में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर, प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत कई नेताओं की बैठक हुई है।

Delhi Election Result 2020 Bjp Meeting Jp Nadda Manoj Tiwari :

बैठक में आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी कि आखिर किन मुद्दों की वजह से चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। बता दें कि चुनावी परिणाम आने से पहले भाजपा ने दिल्ली में सरकार बनाने का दावा किया था। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 45 सीटों का दावा किया था। जबकि प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एक ट्वीट कर कहा था कि हम 48 सीटें जीत रहे हैं। हालांकि भाजपा महज 8 सीटों पर सिमट कर रह गयी है।

शाहीन बाग का मुद्दा नहीं आया काम-

सीएए के विरोध को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में उमड़ी भीड़ का मुद्दा भी भाजपा के लिए काम नहीं आया। चुनाव में शाहीन बाग के मुद्दे को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया। अमित शाह ने इस चुनाव को शाहीन बाग बनाम केजरीवाल बनाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने ईवीएम का बटन दबाकर शाहीन बाग को करंट लगाने वाला बयान भी दिया, लेकिन जो जनादेश आया वो बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी(आप) की प्रचंड जीत ने विपक्षियों को मंथन करने पर मजबूर कर दिया है। केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की झोली दिल्ली में पूरे 21 साल बाद भी खाली रही है। भाजपा अब दिल्ली में हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू कर चुकी है। इस सिलसिले में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर, प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत कई नेताओं की बैठक हुई है। बैठक में आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी कि आखिर किन मुद्दों की वजह से चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। बता दें कि चुनावी परिणाम आने से पहले भाजपा ने दिल्ली में सरकार बनाने का दावा किया था। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 45 सीटों का दावा किया था। जबकि प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एक ट्वीट कर कहा था कि हम 48 सीटें जीत रहे हैं। हालांकि भाजपा महज 8 सीटों पर सिमट कर रह गयी है।

शाहीन बाग का मुद्दा नहीं आया काम-

सीएए के विरोध को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में उमड़ी भीड़ का मुद्दा भी भाजपा के लिए काम नहीं आया। चुनाव में शाहीन बाग के मुद्दे को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया। अमित शाह ने इस चुनाव को शाहीन बाग बनाम केजरीवाल बनाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने ईवीएम का बटन दबाकर शाहीन बाग को करंट लगाने वाला बयान भी दिया, लेकिन जो जनादेश आया वो बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है।