दिल्ली सरकार पर लगा गलत टेस्टिंग पॉलिसी लागू करने का आरोप, हाईकोर्ट ने दिया नोटिस

arvind kejariwal
दिल्ली सरकार पर लगा गलत टेस्टिंग पॉलिसी लागू करने का आरोप, हाईकोर्ट ने दिया नोटिस

नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड 19 टेस्टिंग की गलत पॉलिसी लागू करने के आरोप लगाने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और आईसीएमआर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 22 जून को कोर्ट इस मामले में दोबारा सुनवाई करेगा।

Delhi Government Accused Of Implementing Wrong Testing Policy High Court Gave Notice :

याचिका में कहा गया है कि अगर बिना लक्षण के किसी व्यक्ति को कोरोना टेस्ट के माध्यम से कोरोना संक्रमण का पता चल जाता है, तो ऐसे व्यक्ति का इलाज भी जल्दी शुरू हो पाएगा। उसकी रिकवरी की संभावना भी बढ़ जाती है। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति को दूसरों को भी संक्रमित होने से रोका जा सकता है।

याचिका में इस बात की चिंता जताई गई है कि दिल्ली सरकार के सर्कुलर के चलते बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज बाकी और लोगों को भी कोरोना से बड़ी तादाद में संक्रमित कर सकते हैं। इसके चलते दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों में और बढ़ोतरी हो सकती है। जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की ओर से 2 जून को जारी किए गए सर्कुलर को या तो रद्द किया जाए, या उसमें संशोधन करने के दिल्ली सरकार को निर्देश जारी किए जाएं। दिल्ली सरकार ने 2 जून को जारी नोटिफिकेशन फैसला लिया है कि केवल गंभीर सिम्टम्स वाले लोगों का ही कोविड -19 टेस्ट होगा।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि दिल्ली सरकार ने 2 जून को जारी नोटिफिकेशन फैसला लिया है कि केवल गंभीर सिम्टम्स वाले लोगों का ही कोविड -19 टेस्ट होगा। जबकि आईसीएमआर (ICMR) और डब्लूएचओ (WHO) के गाइडलाइन में कहा गया है की सभी मरीज के प्राइमरी कांटेक्ट का कोविड 19 टेस्ट होना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से संक्रमण राजधानी में बढ़ेगा।

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की रविवार को तबीयत खऱाब हो गई। उन्हें बुखार और गले में खराश की समस्या है। जिसके बाद रविवार दोपहर की उनकी सभी मीटिंग कैंसिल कर दी गई। अब सीएम का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा, लेकिन उससे पहले ही केजरीवाल ने खुद को आइसोलेट कर लिया है।

वहीं दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27,654 हो गई है। इनमें से अबतक 10,664 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 761 लोगों की अबतक जान जा चुकी है। बाकी लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड 19 टेस्टिंग की गलत पॉलिसी लागू करने के आरोप लगाने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और आईसीएमआर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 22 जून को कोर्ट इस मामले में दोबारा सुनवाई करेगा। याचिका में कहा गया है कि अगर बिना लक्षण के किसी व्यक्ति को कोरोना टेस्ट के माध्यम से कोरोना संक्रमण का पता चल जाता है, तो ऐसे व्यक्ति का इलाज भी जल्दी शुरू हो पाएगा। उसकी रिकवरी की संभावना भी बढ़ जाती है। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति को दूसरों को भी संक्रमित होने से रोका जा सकता है। याचिका में इस बात की चिंता जताई गई है कि दिल्ली सरकार के सर्कुलर के चलते बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज बाकी और लोगों को भी कोरोना से बड़ी तादाद में संक्रमित कर सकते हैं। इसके चलते दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों में और बढ़ोतरी हो सकती है। जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की ओर से 2 जून को जारी किए गए सर्कुलर को या तो रद्द किया जाए, या उसमें संशोधन करने के दिल्ली सरकार को निर्देश जारी किए जाएं। दिल्ली सरकार ने 2 जून को जारी नोटिफिकेशन फैसला लिया है कि केवल गंभीर सिम्टम्स वाले लोगों का ही कोविड -19 टेस्ट होगा। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि दिल्ली सरकार ने 2 जून को जारी नोटिफिकेशन फैसला लिया है कि केवल गंभीर सिम्टम्स वाले लोगों का ही कोविड -19 टेस्ट होगा। जबकि आईसीएमआर (ICMR) और डब्लूएचओ (WHO) के गाइडलाइन में कहा गया है की सभी मरीज के प्राइमरी कांटेक्ट का कोविड 19 टेस्ट होना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से संक्रमण राजधानी में बढ़ेगा। दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की रविवार को तबीयत खऱाब हो गई। उन्हें बुखार और गले में खराश की समस्या है। जिसके बाद रविवार दोपहर की उनकी सभी मीटिंग कैंसिल कर दी गई। अब सीएम का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा, लेकिन उससे पहले ही केजरीवाल ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। वहीं दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27,654 हो गई है। इनमें से अबतक 10,664 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 761 लोगों की अबतक जान जा चुकी है। बाकी लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।