ऑड-ईवन : EPCA ने लगाई दिल्ली सरकार को जोरदार फटकार

नई दिल्‍ली: दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण पर नज़र और उसकी रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट की बनाई Environment Pollution control authority यानी EPCA ने दिल्ली सरकार को जोरदार फटकार लगाई है. EPCA ने कहा है कि इन हालात में हमने आपको दिल्ली में ऑड ईवन लागू करने के लिए कहा ही नहीं था. EPCA के चेयरमैन भूरेलाल ले मुताबिक, ‘केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया था कि 11-12 नवंबर तक हालात सुधर सकते हैं. लेकिन इससे पहले EPCA हालात का जायज़ा लेकर सरकार को संदेश देती, सरकार ने पहले ही 13 नवंबर से ऑड ईवन लागू करने का ऐलान कर दिया जबकि हमारे मुताबिक ऑड ईवन लागू करने के लिए सरकार को निर्देश देने की कोई ज़रूरत नही थी.’

आपको बता दें दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत में EPCA प्रमुख भूरेलाल को चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि ‘दिल्ली के अलावा एनसीआर में भी ऑड ईवन लागू करने के लिए आदेश दिए जाएं. एनसीआर के शहरों के प्रदूषण पर EPCA को चुप नहीं रहना चाहिए. सिर्फ दिल्ली सरकार की कोशिशों से प्रदूषण कम नही होगा.’ इसी चिट्ठी के जवाब में EPCA ने कहा है कि ये समय एक दूसरे पर उंगली उठाने का नहीं है. बल्कि सच ये है कि कुछ मामलों में एनसीआर के शहरों में उनके हिस्से से ज़्यादा प्रदूषण रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं.

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EPCA ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ‘ऑड ईवन एक आपातकालीन कदम है जिसमें किसी तरह की छूट नहीं हो सकती और ये कामयाब तभी होगी जब पब्लिक ट्रांसपोर्ट मज़बूत होगा. आपकी सरकार को तुरंत निर्णायक कदम उठाने होंगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए और मुझे उम्मीद है अगर ऐसे लॉन्‍ग टर्म कदम आप उठाएंगे तो आपातकालीन कदम उठाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.’ ध्यान रहे कि दिल्ली में इस समय डीटीसी और क्लस्टर की कुल 5500 बसें हैं जबकि ज़रूरत करीब 11,000 बसों की बताई जाती है.

EPCA प्रमुख भूरेलाल यहीं नही रुके, उन्होंने दिल्ली सरकार की उस दलील की भी कलई खोलने की कोशिश की जिसमें वो कह रही है कि बसें इसलिए नहीं खरीदी क्योंकि उनको खड़ी करने के लिए जगह नहीं थी. भूरेलाल ने कहा, ‘EPCA ने ज़मीन की पहचान करके DDA और दूसरी एजेंसियों से आपके विभाग को ट्रांसफर कराई थी. मई 2016 की रिपोर्ट के अनुसार हमने आपको बताया था कि मौजूदा ढांचे में 2000 बसें पार्क की जा सकती हैं लेकिन हमने अब तक कोई बस खरीदी नही देखी.’ EPCA ने कहा हमने आपकी सरकार की तरफ़ से कोई ऐसा कदम नहीं देखा जिससे बस खरीदने की प्रक्रिया में तेजी दिखाई दे.

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