दिल्ली हिंसा: अ​बतक हो चुकी 28 की मौत, कुछ इलाको में शांति, PM ने की अपील

Delhi violence
दिल्ली हिंसा: अ​बतक हो चुकी 27 की मौत, कुछ इलाको में शांति, PM ने की अपील

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून का जब संसद में बिल आया था तभी से देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन शुरू हो गये थे, काननू बनते ही हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। किसी तरह पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन रूकवाये लेकिन शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों को पुलिस हटाने में नाकाम साबित हुई है। नतीजा ये हुआ कि रविवार से दिल्ली के कई इलाकों में एकबार फिर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गये जो अभी तक थमने का नाम नही ले रहे। पीएम मोदी ने भी शांति और अमन की अपील की है।

Delhi Violence 28 Killed No Peace In Some Areas Pm Appeals :

दिल्ली हिंसा में अभी तक हेड कांस्टेबल रतन लाल समेत 28 की मौतें हुई हैं। इनमें 25 मौत गुरु तेग बहादुर अस्पताल और 2 LNJP अस्पताल में हुईं। इसके अलावा प्रशासन द्वारा बताया गया कि घायलों की संख्या 200 से अधिक है। हालांकि बुधवार को दिल्ली में हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, लेकिन शहर में अभी भी अजीब-सी शांति है। वहीं हाई कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र और राज्य सरकार एक्शन में आई है।

आपको बता दें कि उत्तर पूर्वी इलाके में तीन दिन तक उपद्रवियों ने तांडव मचाया और कई इलाकों में आगजनी, पत्थरबाजी, लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। जब दिल्ली पुलिस हिंसा रोकने में नाकाम साबित हुई तो मंगलवार रात इसकी कमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को सौंपी गयी। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर अजीत डोभाल दिल्ली की सड़कों पर उतर लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया।

दिल्ली में हिंसा की घटनाओं के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से शांति एवं भाईचारा बनाये रखने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जल्दी शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल हो।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून का जब संसद में बिल आया था तभी से देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन शुरू हो गये थे, काननू बनते ही हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। किसी तरह पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन रूकवाये लेकिन शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों को पुलिस हटाने में नाकाम साबित हुई है। नतीजा ये हुआ कि रविवार से दिल्ली के कई इलाकों में एकबार फिर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गये जो अभी तक थमने का नाम नही ले रहे। पीएम मोदी ने भी शांति और अमन की अपील की है। दिल्ली हिंसा में अभी तक हेड कांस्टेबल रतन लाल समेत 28 की मौतें हुई हैं। इनमें 25 मौत गुरु तेग बहादुर अस्पताल और 2 LNJP अस्पताल में हुईं। इसके अलावा प्रशासन द्वारा बताया गया कि घायलों की संख्या 200 से अधिक है। हालांकि बुधवार को दिल्ली में हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, लेकिन शहर में अभी भी अजीब-सी शांति है। वहीं हाई कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र और राज्य सरकार एक्शन में आई है। आपको बता दें कि उत्तर पूर्वी इलाके में तीन दिन तक उपद्रवियों ने तांडव मचाया और कई इलाकों में आगजनी, पत्थरबाजी, लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। जब दिल्ली पुलिस हिंसा रोकने में नाकाम साबित हुई तो मंगलवार रात इसकी कमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को सौंपी गयी। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर अजीत डोभाल दिल्ली की सड़कों पर उतर लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया। दिल्ली में हिंसा की घटनाओं के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से शांति एवं भाईचारा बनाये रखने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जल्दी शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल हो।