दिल्ली हिंसा: गोली लगने से शहीद हुए हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल को दी गयी अंतिम विदाई

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दिल्ली हिंसा: गोली लगने से शहीद हुए हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल को दी गयी अंतिम विदाई

दिल्ली हिंसा: दिल्ली में सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल शहीद हो गये थे। जिनको आज राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गयी।

Delhi Violence Last Farewell To Head Constable Ratan Lal Who Was Martyred After Being Shot :

नागरिकत संशोधन कानून (सीएए) के विरोधियों और समर्थकों के बीच बीते रविवार से फैली हिंसा में शहीद होने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल गोकुलपुरी पुलिस स्टेशन इलाके में तैनात थे। बताया गया कि सोमवार को बुखार होने के बावजूद वो ड्यूटी करने पंहुचे थे। प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा हुई, गोलियां चली, पथराव हुए, कई दुकानों, घरों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इसी दौरान वजीराबाद रोड पर हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की गोली लगने से मौत हो गई। परिजनो की माने तो जिस वक्त वो जा रहे थे उस वक्त उन्होने रोजाना की तरह अपने बच्चो से बॉय किया था। अब उनके बच्चे यही कहकर रो रहे हैं कि वो कभी भी अपने पापा को बॉय नही बोल पायेंगे।

1998 में दिल्ली पुलिस में हुए थे भर्ती
रतनलाल का जन्म राजस्थान के सिकर में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। वे तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। वह दिल्ली के बुरारी में अपनी पत्नी पुनम, 12 साल की बेटी सिद्धि, 10 साल की बेटी कनक और आठ साल के बेटे राम के साथ रहता था। वे 1998 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। उन्होंने ड्यूटी पर कई साहसिक काम किए। जिससे उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

दिल्ली हिंसा: दिल्ली में सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल शहीद हो गये थे। जिनको आज राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गयी। नागरिकत संशोधन कानून (सीएए) के विरोधियों और समर्थकों के बीच बीते रविवार से फैली हिंसा में शहीद होने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल गोकुलपुरी पुलिस स्टेशन इलाके में तैनात थे। बताया गया कि सोमवार को बुखार होने के बावजूद वो ड्यूटी करने पंहुचे थे। प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा हुई, गोलियां चली, पथराव हुए, कई दुकानों, घरों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इसी दौरान वजीराबाद रोड पर हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की गोली लगने से मौत हो गई। परिजनो की माने तो जिस वक्त वो जा रहे थे उस वक्त उन्होने रोजाना की तरह अपने बच्चो से बॉय किया था। अब उनके बच्चे यही कहकर रो रहे हैं कि वो कभी भी अपने पापा को बॉय नही बोल पायेंगे। 1998 में दिल्ली पुलिस में हुए थे भर्ती रतनलाल का जन्म राजस्थान के सिकर में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। वे तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। वह दिल्ली के बुरारी में अपनी पत्नी पुनम, 12 साल की बेटी सिद्धि, 10 साल की बेटी कनक और आठ साल के बेटे राम के साथ रहता था। वे 1998 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। उन्होंने ड्यूटी पर कई साहसिक काम किए। जिससे उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।