दिल्ली हिंसा: हालात सुधरे पर तनाव अभी भी बरकरार, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 39

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दिल्ली हिंसा: पुलिस ने हिंसा पर किया कंट्रोल, सोशल मीडिया पर नजर, अब तक 41 की मौत

नई दिल्ली। देश की राजधानी में बीते रविवार से नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर फैला दंगा आखिरकार शुक्रवार को थमता नजर आ रहा है। पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों की टीमें दंगा प्रभावित इलाकों पर चप्पे चप्पे पर नजर बनाये हुए हैं लेकिन अभी भी दिल्ली में तनाव बरकरार है। वहीं दंगे के दौरान हुए हमलों की चपेट में आने वालों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा। इस हिंसा में मृतकों की संख्या बढ़कर 39 पहुंच गई है। जबकि दिलशाद गार्डन स्थित जीटीबी अस्पताल में 200 से ज्यादा घायलों का इलाज चल रहा है।

Delhi Violence Tension Still Persists As Situation Improves Death Toll Rises To 39 :

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर पूर्वीृ दिल्ली में रविवार से भड़के सांप्रदायिक दंगे का मंजर इतना बुरा रहा कि आज दिल्ली की सड़कों पर चारों तरफ ईंट-पत्थर बिखरे हुए पड़े हैं। मकान, दुकानें जला दिए गए, लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि हिंसा के सिलसिले में 48 एफआईआर दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस ने दंगों की जांच अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दी है और दो स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीमें (SIT) बनाई गई हैं।

आपको बता दें कि दंगे के दौरान मारे गये 39 लोगों में पुलिस हेड कांस्टेबल रतन लाल की गोली मार कर हत्या कर दी गयी जबकि आई बी के अधिकारी अंकित शर्मा को चाकुओं से गोदकर मार दिया गया। अंकित शर्मा की पीएम रिपोर्ट ने सबको झकझोर कर दिया, अंकित के ऊपर 400 से अधिक बार चाकुओं से हमला किया गया, यहां तक कि उसका चेहरा तक बिगाड़ने की कोशिश की गयी। ऐसे क्रूरता वाले लोग किसी आतंकी से कम नही हैं।

नई दिल्ली। देश की राजधानी में बीते रविवार से नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर फैला दंगा आखिरकार शुक्रवार को थमता नजर आ रहा है। पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों की टीमें दंगा प्रभावित इलाकों पर चप्पे चप्पे पर नजर बनाये हुए हैं लेकिन अभी भी दिल्ली में तनाव बरकरार है। वहीं दंगे के दौरान हुए हमलों की चपेट में आने वालों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा। इस हिंसा में मृतकों की संख्या बढ़कर 39 पहुंच गई है। जबकि दिलशाद गार्डन स्थित जीटीबी अस्पताल में 200 से ज्यादा घायलों का इलाज चल रहा है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर पूर्वीृ दिल्ली में रविवार से भड़के सांप्रदायिक दंगे का मंजर इतना बुरा रहा कि आज दिल्ली की सड़कों पर चारों तरफ ईंट-पत्थर बिखरे हुए पड़े हैं। मकान, दुकानें जला दिए गए, लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि हिंसा के सिलसिले में 48 एफआईआर दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस ने दंगों की जांच अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दी है और दो स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीमें (SIT) बनाई गई हैं। आपको बता दें कि दंगे के दौरान मारे गये 39 लोगों में पुलिस हेड कांस्टेबल रतन लाल की गोली मार कर हत्या कर दी गयी जबकि आई बी के अधिकारी अंकित शर्मा को चाकुओं से गोदकर मार दिया गया। अंकित शर्मा की पीएम रिपोर्ट ने सबको झकझोर कर दिया, अंकित के ऊपर 400 से अधिक बार चाकुओं से हमला किया गया, यहां तक कि उसका चेहरा तक बिगाड़ने की कोशिश की गयी। ऐसे क्रूरता वाले लोग किसी आतंकी से कम नही हैं।