1. हिन्दी समाचार
  2. इस्लामाबाद में मंदिर की मांग हुई तेज़, हिंदू समुदाय ने इमरान खान से की मदद की अपील

इस्लामाबाद में मंदिर की मांग हुई तेज़, हिंदू समुदाय ने इमरान खान से की मदद की अपील

By रवि तिवारी 
Updated Date

Demand For Temple In Islamabad Intensified Hindu Community Appeals For Help From Imran Khan

नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रहने वाले हिंदू समुदाय ने राजधानी में मंदिर बनाने की अपनी मांग को फिर से उठाया है। कुछ हिंदू समुदाय इसके लिए प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) से मदद की गुजारिश की है। इस्लामाबाद हिंदू पंचायत के अध्यक्ष महेश कुमार ने कहा कि हिंदू समुदाय अपने धार्मिक अनुष्ठानों के लिए संघीय राजधानी में एक मंदिर बनाना चाहता है। इसके लिए इस्लामाबाद में अधिकारियों से भी सहयोग की अपील की गई है।

पढ़ें :- 14 अप्रैल 2021 का राशिफल: इन जातकों पर होगी भगवान श्रीगणेश की कृपा, जानिए अपनी राशि का हाल

पाकिस्तान के अंग्रेजी दैनिक अखबार ‘पाकिस्तान टुडे’ की रिपोर्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद हिंदू पंचायत के अध्यक्ष महेश कुमार ने हिंदू समुदायों की तरफ से पीएम इमरान खान से अपील की है कि वो मंदिर बनवाने में मदद करें।

महेश कुमार ने कहा, ‘इस्लामाबाद में हिंदू समुदाय का ये संवैधानिक हक है कि उनका एक मंदिर हो, जहां वो अपने धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।’ उन्होंने कहा कि ‘मदीना की रियासत’ में सभी को इंसाफ पाने का हक है।

बता दें कि इस्लामाबाद में करीब 3 हजार हिंदू परिवार रहते हैं. 2016 में राजधानी विकास प्राधिकरण (CDA) ने सेक्टर H-9 में मंदिर के लिए जमीन अलॉट किया था। CDA ने NOC भी जारी कर दी है। बावजूद इसके अभी तक मंदिर निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।

वहीं, मंदिर नहीं होने के कारण हिंदू समुदाय के लोगों को दीवाली और अन्य धार्मिक त्योहार घरों में मनाना पड़ता है। अभी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सिर्फ एक कृष्ण मंदिर है। हालांकि, रावलपिंडी में कुछ छोटे-छोटे मंदिर हैं। शहर में श्मशान घाट नहीं होने के कारण उन्हें अंतिम संस्कार के लिए शवों को रावलपिंडी या अपने गृह शहर लेकर जाना पड़ता है।

पढ़ें :- मुख्यमंत्री के दफ्तर के कई कर्मचारी कोरोना संक्रमित, सीएम योगी ने खुद को किया आइसोलेट

बता दें कि पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी करीब दो फीसदी है। ज्यादातर सिंध प्रांत में रहते हैं। यहां हिंदू बेहद पिछड़े हैं।.  

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...