हिंदू महासभा की मांग-कारसेवकों पर दर्ज मुकदमा लिया जाये वापस

Hindu Mahasabha
हिंदू महासभा की मांग-कारसेवकों पर दर्ज मुकदमा लिया जाये वापस

लखनऊ। अयोध्या भूमि विवाद पर 9 नवम्बर को आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने 1992 के कारसेवकों पर दर्ज हुए मुकदमे को वापस लेने की मांग की है साथ ही मारे गये कारसेवकों को शहीदों का दर्जा देने की भी मांग की है। इसके लिए हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया है।

Demand Of Hindu Mahasabha Case Filed Against Kar Sevaks Should Be Taken Back :

चक्रपाणि महाराज ने कारसेवकों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ देश के गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी खत लिखा है। इसके साथ ही मारे गए कारसेवकों को शहीद का दर्जा देने और उनके परिजनों को आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। चक्रपाणि ने एक और मांग करते हुए कहा कि कार सेवकों को धार्मिक सेनानी घोषित करना चाहिए।

आपको बता दें कि बीते शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन का फैसला रामलला विराजमान के पक्ष में सुनाया साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही कहीं पांच एकड़ जमीन देने को भी कहा है। इस फैसले से पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने अयोध्या विवाद पर लगातार 40 दिन तक सुनवाई की थी।

लखनऊ। अयोध्या भूमि विवाद पर 9 नवम्बर को आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने 1992 के कारसेवकों पर दर्ज हुए मुकदमे को वापस लेने की मांग की है साथ ही मारे गये कारसेवकों को शहीदों का दर्जा देने की भी मांग की है। इसके लिए हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया है। चक्रपाणि महाराज ने कारसेवकों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ देश के गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी खत लिखा है। इसके साथ ही मारे गए कारसेवकों को शहीद का दर्जा देने और उनके परिजनों को आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। चक्रपाणि ने एक और मांग करते हुए कहा कि कार सेवकों को धार्मिक सेनानी घोषित करना चाहिए। आपको बता दें कि बीते शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन का फैसला रामलला विराजमान के पक्ष में सुनाया साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही कहीं पांच एकड़ जमीन देने को भी कहा है। इस फैसले से पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने अयोध्या विवाद पर लगातार 40 दिन तक सुनवाई की थी।