पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू के आवास प्रजा वेदिका पर आधी रात को चला निगम का हथौड़ा, जानिए क्यों

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हैदराबाद। आंध्र प्रदेश में सत्ता की कुर्सी छिनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार देर रात अमरावती स्थित उनके आवास पर निगम का हथौड़ा चला। इआवास का नाम प्रजा वेदिका है। इसका निर्माण चंद्रबाबू नायडू ने सरकार में रहते हुए कराया है।

Demolition On Former Cm N Chandrababu Naidu Home Praja Vedike Building At Amaravati In Andhra Pradesh :

सरकार में रहते हुए चंद्रबाबू नायडू प्रजा वेदिका में जनता दरबार लगाते थे। आरोप है कि इस आवास का बड़ा हिस्सा अवैध है। निगम के दस्ते ने प्रजा वेदिका के बाहरी हिस्से में काफी तोडफ़ोड़ की है। देर रात तोडफ़ोड़ की सूचना मिलते ही चंद्रबाबू नायडू के समर्थक वहां एकत्र हो गए और इसका विरोध शुरू कर दिया। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और निगम का दस्ता अवैध निर्माण को तोड़ता रहा।

आपको बता दें कि 24 जून को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने अपने पूर्ववर्ती एन चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में नदी के पास बनी एक सरकारी इमारत को ध्वस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर इस इमारत का निर्माण किया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। आंध्रप्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने तेलगू देशम पार्टी के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नायडू के निवास के निकट कृष्णा नदी के पास प्रजा वेदिका का निर्माण किया था।

जगन ने यह आदेश देकर नायडू के उस अनुरोध को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने इसे विपक्ष के नेता का रेसिडेंस एनेक्स घोषित करने को कहा था। बताया जा रहा है कि चंद्रबाबू नायडू परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गए हैं। बुधवार को वह अपने आवास में पहुंचेंगे। यहां आपको बता दें लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हुए थे। जिसमें चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलगू देशम पार्टी की करारी हार हुई है।

राज्य की जनता ने वाईएसआर को प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता सौंपी है। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू के बीच तीखे राजनीतिक रिश्ते रहे हैं। सत्ता संभालते ही सीएम जगन ने चंद्रबाबू नायडू की सरकारी सुविधाओं में भारी कटौती कर दी है।

हाल ही में आंध्र प्रदेश के एयरपोर्ट पर चंद्रबाबू को वीआईपी सुविधा से वंचित करते हुए आम यात्री की तरह सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा था। चंद्रबाबू के बेटे नारा लोकेश को मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा को हटा लिया गया है। पूर्व मंत्री नारा लोकेश की सुरक्षा को 5़5 से घटाकर 2़2 कर दिया गया है।

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश में सत्ता की कुर्सी छिनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार देर रात अमरावती स्थित उनके आवास पर निगम का हथौड़ा चला। इआवास का नाम प्रजा वेदिका है। इसका निर्माण चंद्रबाबू नायडू ने सरकार में रहते हुए कराया है। सरकार में रहते हुए चंद्रबाबू नायडू प्रजा वेदिका में जनता दरबार लगाते थे। आरोप है कि इस आवास का बड़ा हिस्सा अवैध है। निगम के दस्ते ने प्रजा वेदिका के बाहरी हिस्से में काफी तोडफ़ोड़ की है। देर रात तोडफ़ोड़ की सूचना मिलते ही चंद्रबाबू नायडू के समर्थक वहां एकत्र हो गए और इसका विरोध शुरू कर दिया। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और निगम का दस्ता अवैध निर्माण को तोड़ता रहा। आपको बता दें कि 24 जून को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने अपने पूर्ववर्ती एन चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में नदी के पास बनी एक सरकारी इमारत को ध्वस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर इस इमारत का निर्माण किया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। आंध्रप्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने तेलगू देशम पार्टी के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नायडू के निवास के निकट कृष्णा नदी के पास प्रजा वेदिका का निर्माण किया था। जगन ने यह आदेश देकर नायडू के उस अनुरोध को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने इसे विपक्ष के नेता का रेसिडेंस एनेक्स घोषित करने को कहा था। बताया जा रहा है कि चंद्रबाबू नायडू परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गए हैं। बुधवार को वह अपने आवास में पहुंचेंगे। यहां आपको बता दें लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हुए थे। जिसमें चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलगू देशम पार्टी की करारी हार हुई है। राज्य की जनता ने वाईएसआर को प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता सौंपी है। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू के बीच तीखे राजनीतिक रिश्ते रहे हैं। सत्ता संभालते ही सीएम जगन ने चंद्रबाबू नायडू की सरकारी सुविधाओं में भारी कटौती कर दी है। हाल ही में आंध्र प्रदेश के एयरपोर्ट पर चंद्रबाबू को वीआईपी सुविधा से वंचित करते हुए आम यात्री की तरह सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा था। चंद्रबाबू के बेटे नारा लोकेश को मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा को हटा लिया गया है। पूर्व मंत्री नारा लोकेश की सुरक्षा को 5़5 से घटाकर 2़2 कर दिया गया है।