लोकसभा में बोलने नहीं दिया इसलिए जनसभा में बोलने का रास्ता चुना: PM Modi

नई दिल्ली। गुजरात के दीसा में किसान रैली में शिरकत करने पहुंचे नरेन्द्र मोदी ने रैली के मंच से नोटबंदी की जिक्र करते हुए अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संसद के सदनों मे नोटबंदी के मुद्दे पर संसदीय कार्रवाई में गतिरोध पैदा कर रहे नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग संसद की कार्रवाई नहीं चलने दे रहे। इसके बाद वही लोग आरोप लगाते हैं कि प्रधानमंत्री कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। विरोधियों को जानलेना चाहिए कि उन्हें लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिलने की वजह से उन्होंने जनसभाओं में बोलने का रास्ता चुन लिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले 70 सालों से देश को लूटा जा रहा था। लोग भ्रष्टाचार हटाने की चर्चा करते रहे लेकिन कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जिससे लूट का रास्ता बंद हो सके। आज उन्होंने ईमानदारों के साथ खड़े होने और देश को ईमानदारी के रास्ते पर ले जाने का प्रयास किया है। नकली करेंसी की ताकत से देश के भीतर अपनी जड़े जमाए बैठे आतंकवादियों को मिलने वाली मदद को खत्म करने की कोशिश की है। नकली नोटों का करोबार कर हथियार खरीदने वालों के गोरखधंधे को बंद करने का काम किया है। तो कुछ लोग उनके विरोध में जा खड़े हुए हैं।




उन्होंने कहा कि कुछ बुद्धिजीवी कह रहे हैं कि इस नोटबंदी के फैसले का फायदा वर्तमान पीढ़ी को नहीं मिलेगा। ऐसी सोच स्वार्थ से प्रभावित है क्योंकि हमारे देश की परंपरा रही है कि हमारे मां—बाप अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए अपने स्वार्थ का त्याग करते आए हैं। हमारी संस्कृति अपनी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित बनाने की रही है। हमारी परंपरराओं और संस्कृति से इत्तफाक न रखने वाले कुछ स्वार्थी बुद्धिजीवी लोग सलाह दे रहे हैं कि इसका कोई फायदा उन्हें होने वाला नहीं है।




राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा दो दिन पहले संसद के भीतर चल रहे गतिरोध को लेकर दिए गए बयान की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सफल शासक के तौर पर लंबा राजनैतिक करियर गुजार चुके राष्ट्रपति को भी संसद का न चलना अखर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रपति एक दूसरी राजनीतिक सोच वाले दल से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं इसके बावजूद उन्हें कहना पड़ा कि संसद को न चलने देना गलत है। उन्होंने लोगों का नाम लेते हुए संसद की कार्रवाई को रोकने वाले सांसदों को सत्र की कार्रवाई चलने देने की सलाह दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि चर्चा हो। वह स्वयं लोकसभा में बोलने को तैयार हैं। लेकिन विरोधी जानते हैं कि अगर प्रधानमंत्री बोलेंगे तो उनका झूठ टिक नहीं पाएगा। देश की जनता के सामने उनके झूठे तर्क टिकेंगे नहीं। इसीलिए विरोधी नहीं चाहते कि संसद की कार्रवाई आगे बढ़े। नोटबंदी पर जनता को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को जान लेना चाहिए कि उन्होंने जनता से बात करने के लिए जनसभाओं का रास्ता चुन लिया है।

Loading...