नोटबंदी पीएम मोदी का साहसिक कदम: जेमी दीमोन

jaime dimon
जेपी मॉगर्न चेस के चेयरमैन, प्रेसीडेंड और चीफ एग्जीक्यूटिव जेमी दीमोन

नई दिल्ली। अमेरिका की चार मुख्य बैंकों में सबसे बड़ी बैंक जेपी मॉगर्न चेस के चेयरमैन, प्रेसीडेंड और चीफ एग्जीक्यूटिव जेमी दीमोन ने भारत सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले को बेहद साहसिक और बेहतर कदम करार दिया है। उनके मुताबिक दुनिया भर के देश नोटबंदी को अर्थव्यवस्था के लिए बुरा मानते हैं, इसलिए इस तरह के कदम उठाने की ईच्छाशक्ति दबी रह जाती है। यह एक सत्य है कि नोटबंदी जैसे फैसलों से अर्थव्यवस्था को थोड़ा नुकसान होता है, लेकिन दूसरा सच यह भी है कि इस नुकसान को बहुत ही कम समय में पूरा ​भी किया जा सकता है।

Demonetisation Was Courageous Step Taken By Prime Minister Narendra Modi Says Jamie Dimon :

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के बाद बाजार से बड़ी कीमत की करेंसी को रद्द किया, वह पूरी तरह से सोचा समझा फैसला था। उनके इस फैसले से कालेधन और भ्रष्टाचार में बड़े स्तर पर गिरावट आएगी। नकली करेंसी बाजार से हटी। बैंकों को मजबूती मिली और सबसे बेहतर बात यह है कि नोटबंदी के लिए चुना गया समय सबसे बेहतर था, क्यों​कि इस दौर में वैश्विक बाजार बेहतरी की ओर बढ़ रहा है।

उनके मुताबिक मोदी सरकार ने नोटबंदी को लेकर तय किए अपने उद्देश्य को पूरा करने में कामयाबी हासिल की है। अर्थव्यस्था से अलग पड़ी करेंसी को दोबारा से मुख्यधारा में लाया जा सका है। बैंकों की कर्ज देने की क्षमता बढ़ने से कर्ज लेना सस्ता होगा। जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी।

इसके साथ ही उन्होंने अमे​रिकी फेडरल बैंक द्वारा ब्याज की कीमतें बढ़ाए जाने के फैसले को सकारात्मक करार देते हुए कहा कि अमेरिकी बाजार में नई संभावनाएं बन रहीं हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए ब्याज की दर को बढ़ाया जाना सही लगता है। आने वाले तीन सालों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।

नई दिल्ली। अमेरिका की चार मुख्य बैंकों में सबसे बड़ी बैंक जेपी मॉगर्न चेस के चेयरमैन, प्रेसीडेंड और चीफ एग्जीक्यूटिव जेमी दीमोन ने भारत सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले को बेहद साहसिक और बेहतर कदम करार दिया है। उनके मुताबिक दुनिया भर के देश नोटबंदी को अर्थव्यवस्था के लिए बुरा मानते हैं, इसलिए इस तरह के कदम उठाने की ईच्छाशक्ति दबी रह जाती है। यह एक सत्य है कि नोटबंदी जैसे फैसलों से अर्थव्यवस्था को थोड़ा नुकसान होता है, लेकिन दूसरा सच यह भी है कि इस नुकसान को बहुत ही कम समय में पूरा ​भी किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के बाद बाजार से बड़ी कीमत की करेंसी को रद्द किया, वह पूरी तरह से सोचा समझा फैसला था। उनके इस फैसले से कालेधन और भ्रष्टाचार में बड़े स्तर पर गिरावट आएगी। नकली करेंसी बाजार से हटी। बैंकों को मजबूती मिली और सबसे बेहतर बात यह है कि नोटबंदी के लिए चुना गया समय सबसे बेहतर था, क्यों​कि इस दौर में वैश्विक बाजार बेहतरी की ओर बढ़ रहा है।उनके मुताबिक मोदी सरकार ने नोटबंदी को लेकर तय किए अपने उद्देश्य को पूरा करने में कामयाबी हासिल की है। अर्थव्यस्था से अलग पड़ी करेंसी को दोबारा से मुख्यधारा में लाया जा सका है। बैंकों की कर्ज देने की क्षमता बढ़ने से कर्ज लेना सस्ता होगा। जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी।इसके साथ ही उन्होंने अमे​रिकी फेडरल बैंक द्वारा ब्याज की कीमतें बढ़ाए जाने के फैसले को सकारात्मक करार देते हुए कहा कि अमेरिकी बाजार में नई संभावनाएं बन रहीं हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए ब्याज की दर को बढ़ाया जाना सही लगता है। आने वाले तीन सालों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।