नोटबंदी मोदी सरकार का घोटाला निकलेगा: राहुल गांधी

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र धमाकेदार होगा इस बात की इशारा मंगलवार को ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कर दिया है। मंलगवार की रात करीब 9 बजे मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए राहुल गांधी ने नोटबंदी को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए पूरे आॅपरेशन को एक घोटाला करार दे दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के खाते में 7 नवंबर को जमा हुई एक करोड़ से ज्यादा की रकम की जांच होनी चाहिए।




मीडिया से बातचीत के दौरान कड़े तेवर में नजर आए भारतीय राजनीति के एंग्री यंग मैन राहुल गांधी केन्द्र सरकार और पीएम मोदी पर हमलावर होने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन वह अपने ही बयानों में अपने आरोपों पर मिट्टी भी डाल गए।

उन्होंने पहले कहा कि बीजेपी के लोगों को नोट बंदी की जानकारी पहले से थी। जिस वजह से पार्टी ने अपने कालेधन को पहले से ही ठिकाने लगा लिया। जिसके लिए उन्होंने मिसाल के तौर पर पश्चिम बंगाल बीजेपी में जमा हुई रकम को नजीर बनाया। इसके तुरंत बाद अपने अगले बयान में राहुल गांधी अपने पहले बयान को काटते हुए नजर आए और उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जो कुछ किया उसकी जानकारी उनके आस पास मौजूद करीब चार या पांच लोगों को ही थी।




राहुल गांधी अपने पहले बयान को इस हद तक भूल गए कि वह कहने से नहीं चूके कि प्रधानमंत्री के फैसले की जानकारी वित्तमंत्री को भी नहीं थी। इस दौरान वह अपने जवाब में उलझकर यह भी भूल गए कि वे सारी बयानबाजी किस विषय पर कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी का फैसला बिना पूरी तैयारी के लिया गया फैसला है। जिसकी वजह से करोड़ों आदमी लाइन में लग गए है। गरीब आदमी को अपना सारा कामकाज छोड़कर करेंसी बदलवानी पड़ रही है। कई लोगों की मौत भी हो गई है। सरकार को चाहिए कि वह अपने फैसले के कारण आम आदमी को हो रही परेशानियों का त्वरित हल निकाल कर लोगों की समस्या को दूर करने का काम करे।




हो न हो यह पहला मौका था जब राहुल गांधी ने आगे आकर विपक्ष का नेतृत्व करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने की कोशिश की। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस के नेतृत्व में बीजेपी के तमाम विरोधी दल बुधवार को संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक नोट बंदी के खिलाफ मार्च निकालेंगे।