जल्द ही कैबिनट से मंजूरी के बाद डेंगू महामारी घोषित होगी

लखनऊ: डेंगू मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को अदालत को आास्त किया कि राज्य सरकार ने डेंगू को जड़ से खत्म करने की मजबूत योजना बना ली है और इस मामले में फण्ड की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि डेंगू को महामारी घोषित किये जाने के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन तैयार कर लिया है और शीघ्र ही कैबिनट से मंजूरी के बाद जारी कर दिया जायेगा। हाइकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मुख्य सचिव से कहा कि केवल कागजी खानापूर्ति न की जाए, बल्कि डेंगू को समाप्त करने व इलाज के लिए पूरा प्रोटोकॉल तय करे। हाइकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का संवैधानिक दायित्व है कि वह आम जनता के स्वास्य, सुरक्षा व शिक्षा आदि की पूरी व्यवस्था करे।



न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही व न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मुख्य सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा डेंगू के लिए भेजे गए फण्ड को वापस करने वाले 40 अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर दी गई है और इन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। अदालत ने मुख्य सचिव से कहा की वह 16 नवंबर तक डेंगू को समाप्त करने की सम्पूर्ण कार्यवाही पेश करे।




लखनऊ बेंच के समक्ष गुरुवार को पेश होकर मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने गलती मान ली। सरकारी महकमों की ओर से हुई चूक स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि 48 अफसर चिन्हित कर लिये गए हैं, जिन्हें नियमानुसार कार्रवाई कर 15 दिन के भीतर निलंबित कर दिया जाएगा।1न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय की खंडपीठ ने 25 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर यहां तक कह दिया था कि प्रदेश में सांविधानिक तंत्र विफल हो गया है। न्यायालय ने स्पष्टीकरण के लिए मुख्य सचिव को गुरुवार को तलब किया था। इस पर मुख्य सचिव राहुल भटनागर महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह व अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोडियाल और आइपी सिंह के साथ कोर्ट केसमक्ष पेश हुए।