डेनमार्क सरकार की अपील, जमकर करो सेक्स

कोपेनहेगन: एक तरफ चीन और भारत जैसे देश हैं जहां बढ़ती आबादी सबसे बड़ी चिंता है तो वहीं दूसरी तरफ डेनमार्क जैसे भी देश हैं जहां आबादी की कमी के चलते दो चार होना पड़ रहा है| डेनमार्क में जन्म दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, कई देशों में प्रति महिला जन्म दर 2.1 फीसद से भी नीचे आ चुका है, जो मौजूदा जनसंख्या को बरकरार रखने के लिए आवश्यक है। इस कारण ही कई देशों ने अपने यहां शिशु जन्म दर में सुधार की दिशा में जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

आपको बता दें कि डेनमार्क में शिशु जन्म दर गिरकर 1.7 पर पहुंच चुका है, इसलिए डेनमार्क की सरकार पिछले कुछ सालों से विभिन्न अभियानों के जरिये अपने नागरिकों से ज्यादा से ज्यादा शारीरिक संबंध बनाने की अपील कर रही है। कपल्स की छुट्टी के दिनों में अच्छी-खासी संख्या में गर्भधारण के मामले को देखते हुए पिछले साल सरकार ने एक विज्ञापन के जरिये डेनिश कपल्स से एक दिन की छुट्टी लेने को प्रोत्साहित किया।

इस एड की सफलता से उत्साहित होकर एड कंपनियां अब दंपतियों को ज्यादा से ज्यादा सेक्स के लिए राजी करने के उद्देश्य से एड में भावनात्मक पहलुओं को भी उभारने लगीं हैं। हाल ही में एक कंपनी ने अपने विज्ञापन में पंचलाइन डाली है, ‘डू इट फॉर मॉम।’

दरअसल, यह एड कंपनी युवा दंपतियों के माता-पिता से उन्हें अपने बेटे-बहू व बेटी-दामाद को छुट्टी पर भेजने के लिए कहती है। एड में एक युवा जोड़े को सेक्स करने की कोशिश करते दिखाया गया है। साथ ही साथ बैकग्राउंड में चिंतामग्न मां भी नजर आती है। इस एड का टैगलाइन है, ‘डेनमार्क के लिए करो, अपनी मां के लिए करो (

)।’

इसके साथ ही रूस की सरकार ने 2007 में 12 सितंबर को ‘राष्ट्रीय गर्भाधान दिवस’ (नेशनल डे ऑफ कंसेप्शन) घोषित कर दिया था। सरकार को यह उम्मीद रहती है कि सिविक ड्यूटी से एक दिन की छुट्टी मिलने पर नौ माह बाद रूस के राष्ट्रीय दिवस (12 जून) पर महिलाएं बच्चों को जन्म देंगी। साथ ही साथ नेशनल डे पर बच्चे को जन्म देने वाली महिलाएं फ्रीज, कार व पैसे भी जीत सकती हैं। इसके अलावा इटली में भी नई-नई मां बनने वाली महिलाओं को वित्तीय प्रोत्साहन व सहायता सेवाएं मुहैया करवाई जाती है।