यूपी में ठंड और कोहरे का कहर जारी, पारा जीरो डिग्री तक गिरने के आसार

लखनऊ| उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित राज्य के अन्य हिस्सों में दिसंबर के दूसरे सप्ताह से ही कोहरे और ठंड की वजह से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अच्छे मानसून एवं पछुआ हवाओं की वजह से कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं और पारा जीरो डिग्री तक गिर सकता है।




उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे.पी. गुप्ता के अनुसार, अधिक नमी और पछुआ हवाओं के चलते पूरे सीजन तापमान कम ही रहेगा। फरवरी तक अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने के असार नहीं हैं। बीच में कभी-कभार बारिश होने की भी संभावना है। गुप्ता के अनुसार, पूरे सप्ताह कोहरे पड़ने की संभावना है और 13 दिसंबर के बाद कोहरे का असर और बढ़ सकता है।

Dense Fog At Many Places In Uttar Pradesh :

उन्होंने कहा, “साइबेरियन क्षेत्र से आने वाली हवाएं हाई प्रेशर के चलते नीचे आती हैं। यह स्थितियां अक्टूबर से ही बनने लगी थी। इसके चलते तापमान समय से पहले ही गिरने लगा था। इसके अलावा मानसून में ज्यादा बारिश होने की वजह से वायुमंडल और धरती में नमी की मात्रा ज्यादा है। इसीलिए पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल दिसंबर में ही पारा ज्यादा तेजी से नीचे चला गया है।”

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को लखनऊ का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। लखनऊ के अतिरिक्त सोमवार को बनारस का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस, कानपुर का 10.2 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर का 12 डिग्री सेल्सियस, झांसी का 11 डिग्री सेल्सियस और इलाहाबाद का 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



लखनऊ| उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित राज्य के अन्य हिस्सों में दिसंबर के दूसरे सप्ताह से ही कोहरे और ठंड की वजह से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अच्छे मानसून एवं पछुआ हवाओं की वजह से कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं और पारा जीरो डिग्री तक गिर सकता है। उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे.पी. गुप्ता के अनुसार, अधिक नमी और पछुआ हवाओं के चलते पूरे सीजन तापमान कम ही रहेगा। फरवरी तक अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने के असार नहीं हैं। बीच में कभी-कभार बारिश होने की भी संभावना है। गुप्ता के अनुसार, पूरे सप्ताह कोहरे पड़ने की संभावना है और 13 दिसंबर के बाद कोहरे का असर और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, "साइबेरियन क्षेत्र से आने वाली हवाएं हाई प्रेशर के चलते नीचे आती हैं। यह स्थितियां अक्टूबर से ही बनने लगी थी। इसके चलते तापमान समय से पहले ही गिरने लगा था। इसके अलावा मानसून में ज्यादा बारिश होने की वजह से वायुमंडल और धरती में नमी की मात्रा ज्यादा है। इसीलिए पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल दिसंबर में ही पारा ज्यादा तेजी से नीचे चला गया है।" मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को लखनऊ का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। लखनऊ के अतिरिक्त सोमवार को बनारस का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस, कानपुर का 10.2 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर का 12 डिग्री सेल्सियस, झांसी का 11 डिग्री सेल्सियस और इलाहाबाद का 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।