देवरिया बालिका गृह कांड: सीएम योगी के निर्देश के बाद भी सोता रहा प्रशासन

देवरिया बालिका गृह कांड,सीएम योगी
देवरिया बालिका गृह कांड: सीएम योगी के निर्देश के बाद भी सोता रहा प्रशासन

देवरिया। यूपी के देवरिया में बालिका संरक्षण गृह में सेक्स रैकेट जैसे घिनौने काम की खबर मिलते ही पूरे प्रशासन में हंगामा मच गया है। मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है, जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार काफी सक्रिय नज़र आ रही है। मामले का खुलासा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन की लापरवाही पर उठ रहा है। दरअसल, मुज्जफरपुर कांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 अगस्त को ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों में बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह का व्यापक निरीक्षण करने का निर्देश जारी किया था। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी देवरिया जिला प्रशासन क्लापरवाह बना रहा।

Deoria Shelter Home Casedistrict Administration Ignores Cm Yogi Adityanath Instructions :

मुख्यमंत्री ने जारी किया था निर्देश

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के लिए एक निर्देश जारी किया था जिसमें उनहों कहा, कि यह भी चेक करें कि वहां पर रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने इन गृहों के पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह की देखभाल और साफ-सफाई में कोई कोताही न बरती जाए। यहां पर रह रहे बच्चों एवं महिलाओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इन निर्देशों के बावजूद देवरिया जिला प्रशासन लापरवाह बना रहा और वहां के बालिका संरक्षण गृह में भी देह व्यापार का मामला सामने आया जोकि बेहद निंदनीय है। इसका खुलासा रविवार शाम संरक्षण गृह से भागी एक लड़की से हुआ जिसने बालिका गृह कांड की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने रात में ही संरक्षण गृह पर छापा मारा तो 42 में से 18 लड़कियां गायब मिलीं। जहां पुलिस ने 24 लड़कियों को उस घिनौने कारनामे से मुक्त कराते हुए संचालिका और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है।

देवरिया। यूपी के देवरिया में बालिका संरक्षण गृह में सेक्स रैकेट जैसे घिनौने काम की खबर मिलते ही पूरे प्रशासन में हंगामा मच गया है। मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है, जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार काफी सक्रिय नज़र आ रही है। मामले का खुलासा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन की लापरवाही पर उठ रहा है। दरअसल, मुज्जफरपुर कांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 अगस्त को ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों में बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह का व्यापक निरीक्षण करने का निर्देश जारी किया था। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी देवरिया जिला प्रशासन क्लापरवाह बना रहा।मुख्यमंत्री ने जारी किया था निर्देशबिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के लिए एक निर्देश जारी किया था जिसमें उनहों कहा, कि यह भी चेक करें कि वहां पर रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने इन गृहों के पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह की देखभाल और साफ-सफाई में कोई कोताही न बरती जाए। यहां पर रह रहे बच्चों एवं महिलाओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों के बावजूद देवरिया जिला प्रशासन लापरवाह बना रहा और वहां के बालिका संरक्षण गृह में भी देह व्यापार का मामला सामने आया जोकि बेहद निंदनीय है। इसका खुलासा रविवार शाम संरक्षण गृह से भागी एक लड़की से हुआ जिसने बालिका गृह कांड की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने रात में ही संरक्षण गृह पर छापा मारा तो 42 में से 18 लड़कियां गायब मिलीं। जहां पुलिस ने 24 लड़कियों को उस घिनौने कारनामे से मुक्त कराते हुए संचालिका और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है।