डेरा सच्चा सौदा यौन शोषण मामला: 15 साल बाद दोषी करार, 28 अगस्त को होगा सजा का एलान

नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ यौन शोषण मामले में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट ने पूरे 15 साल बाद उन्हे दोषी करार दिया। इस मामले में सजा का ऐलान 28 अगस्त को होगा। फैसले को देखते हुए सिरसा स्थित डेरा सौदा मुख्यालय में बड़ी संख्या में डेरा प्रमुख के समर्थक जुटे हुए हैं और बड़ी ही तादाद में लोग पंचकूला में डटे हुए हैं। फैसले के बाद हरियाणा पुलिस ने राम रहीम को कस्टडी में ले लिया। उन्हें पंचकूला से अंबाला जेल ले जाया जाएगा।

ये है आरोप-

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गुरमीत राम रहीम सिंह द्वारा कथित रूप से दो साध्वियों का यौन उत्पीड़न किए जाने संबंधी अज्ञात चिट्ठी मिलने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2002 में डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया था। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।

सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं। अगस्त 2008 में ट्रायल शुरू हुआ और डेरा प्रमुख के खिलाफ चार्ज तय किए गए।
2011 से 2016 तक लंबा ट्रायल चला।

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जुलाई 2016 में केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे। 25 जुलाई 2017 को कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके।

कब शुरू हुआ डेरा सच्चा सौदा-

डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी। फिर शाह सतनाम महाराज बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंपी। संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के हैं।

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